April 21, 2026

बांग्लादेश ने शेख हसीना के खिलाफ इंटरपोल से मदद मांगी

पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद देश छोड़कर भारत आईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अब बांग्लादेश ने इंटरपोल से कार्रवाई की मांग की है। बांग्लादेश पुलिस के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB) ने इंटरपोल से शेख हसीना समेत 12 लोगों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। पुलिस मुख्यालय में सहायक महानिरीक्षक इनामुल हक सागर ने बताया कि एनसीबी यह अनुरोध अदालतों, सरकारी अभियोजकों या जांच एजेंसियों से प्राप्त अपीलों के आधार पर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश में रह रहे भगोड़ों की पहचान और गिरफ्तारी में इंटरपोल की अहम भूमिका होती है।

इस पूरी घटना की शुरुआत पिछले साल जुलाई में हुई, जब बांग्लादेश में आरक्षण नीति के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ। यह आंदोलन धीरे-धीरे सरकार विरोधी रूप लेने लगा और 5 अगस्त को राजधानी ढाका में भारी हिंसा भड़क उठी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि शेख हसीना को न केवल प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा, बल्कि उन्हें देश भी छोड़ना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शेख हसीना तब से भारत में हैं। उनकी पार्टी अवामी लीग पिछले 16 वर्षों से सत्ता में थी।

देश छोड़ने के तीन दिन बाद ही बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन हुआ, जिसकी कमान मोहम्मद यूनुस ने संभाली। यूनुस सरकार ने शेख हसीना और उनके सहयोगियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में केस दर्ज करवाया। इसके बाद न्यायाधिकरण ने इन सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया। नवंबर 2024 में न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक कार्यालय ने पुलिस से कहा था कि वह इंटरपोल की मदद से शेख हसीना और अन्य भगोड़ों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करे। अब उसी के तहत इंटरपोल को आधिकारिक अनुरोध भेजा गया है।

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