बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ आए फैसले के बीच देश की राजनीति में एक नया मोड़ उभर रहा है। हसीना अपने समर्थकों को सड़कों पर लाने की तैयारी में हैं और इसी अभियान को तेज करने के लिए आवामी लीग एक नए कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकती है। इस पद की दौड़ में सबसे प्रमुख नाम है—नारायणगंज की पूर्व मेयर और हसीना की नज़दीकी मानी जाने वाली सलीना हयात इवी का, जो फिलहाल जेल में बंद हैं और यूनुस सरकार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ रही हैं।
सलीना हयात को जुलाई विद्रोह के दौरान हिंसा के आरोपों में जेल भेजा गया था, जबकि उन्हें ढाका हाईकोर्ट से जमानत भी मिल चुकी है। माना जा रहा है कि सलीना को पार्टी की कमान देकर हसीना सिंपैथी वेव तैयार करना चाहती हैं और जनता के बीच यह संदेश देना चाहती हैं कि सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। अगर सलीना को अध्यक्ष नहीं बनाया गया, तो पार्टी के भीतर पूर्व स्पीकर शिरीन शर्मिन चौधरी और पूर्व सांसद साबिर हुसैन चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं।
इधर, बांग्लादेश में आवामी लीग के हजारों कार्यकर्ता अभी भी सक्रिय हैं, जबकि यूनुस सरकार ने पार्टी को प्रतिबंधित कर दिया है। पिछले दो दिनों में 1600 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन जारी है। इसी बीच ब्रिटेन में रह रहे शेख हसीना के बेटे साजिद वाजिद ने सरकार गिराने के संकेत देते हुए कहा है कि जल्द ही वे देश लौटेंगे और यूनुस सरकार को हटाकर सत्ता फिर से अपने हाथ में लेंगे। उनके बयान ने बांग्लादेश की राजनीति में और तनाव बढ़ा दिया है।
Share this content:
