हर 45 दिन में सीरिया के राष्ट्रपति अल-शरा पर जानलेवा हमला, तीन बड़ी कोशिशें नाकाम
सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा पर बीते पांच महीनों में तीन बार जानलेवा हमले की कोशिश हो चुकी है, और वह भी लगभग हर 45 दिन के अंतराल पर। लेबनान और इजराइल की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन प्रयासों के पीछे आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) और इजरायली अधिकारियों की संलिप्तता बताई जा रही है।
दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद अल-शरा ने अंतरिम राष्ट्रपति पद संभाला था। इससे पहले वे आतंकी संगठन HTS से जुड़े रहे थे, जो सीरिया के लिए एक विवादास्पद इतिहास रहा है। बावजूद इसके, सत्ता में आने के बाद अल-शरा ने स्थायित्व कायम रखने का प्रयास किया, लेकिन उन पर लगातार हमले उनकी अस्थिर राजनीतिक स्थिति को उजागर करते हैं।
पहली कोशिश मार्च 2025 में पीपुल्स पैलेस के पास हुई, जब एक ISIS लड़ाका घात लगाए बैठा मिला। दूसरी घटना जून में दारा शहर में उस वक्त हुई, जब अल-शरा आम लोगों से मिलने पहुंचे थे। वहां संदिग्धों को देखते ही उनका काफिला तुरंत रास्ता बदल कर सुरक्षित स्थान पहुंचा। तीसरी और सबसे गंभीर कोशिश जुलाई में हुई, जिसमें इजरायली एजेंसियों की भागीदारी की आशंका जताई गई। इस बार सुरक्षा एजेंसियों को पहले से जानकारी थी और अल-शरा को सुरक्षित इदलीब पहुंचा दिया गया।
इन लगातार प्रयासों के बावजूद हर बार अल-शरा की जान बचना भी चर्चा का विषय है। इसके पीछे तुर्की की सैन्य सहायता और खुफिया तंत्र को अहम माना जा रहा है। तुर्की ने साफ कर दिया है कि वह सीरिया को फिर से गृहयुद्ध की ओर नहीं जाने देगा और अल-शरा को पूर्ण समर्थन देगा।
इन हमलों ने न सिर्फ सीरिया की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि देश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी हिंसा और अस्थिरता की जड़ें अब भी गहरी हैं।
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