April 27, 2026

युद्ध का सायरन बजते ही अंधेरे में डूबा उत्तर प्रदेश: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे प्रदेश में ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल, लोग बोले – ऐसा मंजर पहली बार देखा।

पहलगाम आतंकी हमले और भारत द्वारा पाकिस्तान में की गई जवाबी कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में युद्ध जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को एक बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जैसे ही सायरन गूंजा, प्रदेश के कई शहर अंधेरे में डूब गए। यह दृश्य एक सजीव युद्ध अभ्यास जैसा था, जिसने लोगों को पलभर के लिए वास्तविक युद्ध का एहसास करा दिया।

 

प्रदेश भर में बुधवार शाम 9:30 से 10:00 बजे तक ब्लैकआउट किया गया। इस दौरान घरों, प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, सड़कों और यहां तक कि एयरपोर्ट तक की लाइटें बंद कर दी गईं। प्रशासन ने निर्देश जारी किए थे कि घरों की रोशनी बाहर न झलके, शीशे पर परदे या काले कागज लगाए जाएं और वाहनों को साइड में खड़ा कर हेडलाइट्स बंद कर दी जाएं। मॉक ड्रिल खत्म होने का संकेत रात 10 बजे तीन मिनट के लगातार सायरन से दिया गया।

 

कई जिलों में युद्ध जैसे हालात का अभ्यास

बुलंदशहर में सबसे ज्यादा सतर्कता रही, जहां 7:00 से 7:30 बजे तक अंधेरा छाया रहा। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और सड़कें वीरान हो गईं। वहीं वाराणसी एयरपोर्ट पर 15 मिनट का ब्लैकआउट कर आपातकालीन प्रतिक्रिया का अभ्यास किया गया।

 

गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-18 स्थित ‘अपेक्स दा फ्लॉरस’ सोसायटी में हवाई हमले की कल्पना कर ब्लैकआउट किया गया और सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स ने लोगों को सुरक्षा निर्देश दिए। नोएडा के बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर पुलिस और CISF ने मिलकर मॉक ड्रिल की, जहां डीसीपी रामबदन सिंह, एडीसीपी सुमित शुक्ला और एसीपी प्रवीण कुमार सिंह खुद मौजूद रहे।

 

चित्रकूट में सीआईसी परिसर में जैसे ही बम धमाकों और गोलियों की आवाजें गूंजीं, लोग डर गए। बाद में पता चला कि यह युद्ध का पूर्वाभ्यास था। पुलिस बल ऊंची इमारतों पर तैनात था और पैदल मार्च किया गया।

 

स्कूल, अस्पताल, सोसायटी सब शामिल

आगरा के बल्केश्वर में स्कूलों में मॉक ड्रिल कर छात्रों को युद्ध की स्थिति में बचने के उपाय बताए गए। मुरादाबाद मंडल में 100 से अधिक जगहों पर सायरन बजाकर मॉक ड्रिल की गई, दमकल की गाड़ियां दौड़ीं और पुलिस चौकियों से लेकर जिला अस्पताल तक अलर्ट मोड में रहे।

गोल्फ लिंक सोसायटी, बुगरासी, खुर्जा और अनूपशहर जैसे क्षेत्रों में भी मॉक ड्रिल की गई। बुलंदशहर के जिला अस्पताल में विशेषज्ञों ने लोगों को आपात स्थिति से निपटने के उपाय बताए।

 

बड़े गोदाम और प्रतिष्ठानों को ढंका गया

खाद्यान्नों के गोदाम, ऑयल डिपो, विद्युत गृह, बैराज जैसे महत्वपूर्ण ढांचों को इस दौरान पूरी तरह ढंका गया ताकि हवाई हमलों की स्थिति में उनकी पहचान न हो सके। शासकीय व निजी प्रतिष्ठानों के साइन बोर्ड और फसाड लाइटें भी बंद रहीं।

 

सिविल डिफेंस के 183 वॉलंटियर्स तैनात

कानपुर के पनकी, ट्रांसपोर्ट नगर, कर्नलगंज जैसे क्षेत्रों में बड़ी रेस्क्यू मॉक ड्रिल हुई। मॉक ड्रिल के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, हैंडहेल्ड डिवाइस और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सायरन का भी उपयोग किया गया।

 

रेड अलर्ट के बाद हाई अलर्ट पर यूपी पुलिस

पाकिस्तान में भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद यूपी पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। डीजीपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी फील्ड इकाइयों को रक्षा बलों से समन्वय स्थापित करने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी पुलिस सतर्क है, संसाधनों से लैस है और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने को तैयार है।

 

यमुनापुरम में भंडारे का आयोजन

इस बीच पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की खुशी में बुलंदशहर के यमुनापुरम में श्री बालाजी निष्काम सेवा समिति ने भंडारे का आयोजन किया।

 

यह मॉक ड्रिल न सिर्फ एक सुरक्षा अभ्यास था, बल्कि यह एक चेतावनी भी थी कि देश को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। प्रदेशवासियों ने इस ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल में अनुशासन और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।

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