April 25, 2026

कैंसर की जंग में संजय दत्त का दर्द और राकेश रोशन का साथ

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अपनी एक्टिंग के साथ-साथ निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। 80 और 90 के दशक में संजय दत्त का करियर बुलंदी पर रहा और आज भी 66 साल की उम्र में वह फिल्मों में सक्रिय हैं। हालांकि, उनकी जिंदगी हमेशा आसान नहीं रही। साल 2020 में जब देश लॉकडाउन से जूझ रहा था, उसी दौरान संजय दत्त को स्टेज 4 कैंसर का पता चला। इस खबर ने न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके परिवार और चाहने वालों को भी गहरे सदमे में डाल दिया।

संजय दत्त ने कई इंटरव्यू में बताया है कि कैंसर का पता चलने के बाद वह घंटों तक रोते रहे। जब वह सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने जैसी समस्या महसूस कर रहे थे, तब उन्हें अहसास हुआ कि कुछ गंभीर गड़बड़ है। डॉक्टर की जांच में सामने आया कि उनके फेफड़ों में पानी भर गया है। पहले इसे टीबी समझा गया, लेकिन आगे जांच में कैंसर की पुष्टि हुई। उस समय उनकी बहन ने हिम्मत जुटाकर उन्हें सच्चाई बताई। संजय दत्त ने कहा कि उस पल उन्होंने अपनी पत्नी, बच्चों और परिवार को याद कर आंसू बहाए।

इस मुश्किल दौर में उनका हौसला टूटता नजर आया, लेकिन उन्होंने जल्द ही खुद को संभाल लिया। संजय दत्त ने कहा कि हालांकि वह कुछ घंटों तक रोए, लेकिन इसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वह कैंसर से हार मानने वाले नहीं हैं। उन्होंने खुद से वादा किया कि वह कमज़ोर नहीं पड़ेंगे और पूरी ताकत से इस बीमारी का सामना करेंगे। इसी बीच उनकी मदद के लिए फिल्ममेकर राकेश रोशन सामने आए, जो खुद भी गले के कैंसर से जूझकर बाहर निकल चुके थे।

संजय दत्त के मुताबिक, उस समय उन्हें विदेश का वीजा नहीं मिल रहा था। ऐसे में राकेश रोशन ने न सिर्फ उन्हें सही डॉक्टर से मिलवाया, बल्कि इलाज के दौरान मानसिक रूप से भी उनका साथ दिया। रोशन ने उन्हें समझाया कि इलाज के दौरान बाल झड़ना, उल्टी आना और कमजोरी जैसी समस्याएं आएंगी, लेकिन हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। संजय दत्त ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर से साफ कह दिया था कि उन्हें कुछ नहीं होगा और वह हर हाल में सामान्य जीवन जीते रहेंगे।

लंबे इलाज और कीमोथेरेपी के बाद आखिरकार संजय दत्त ने घोषणा की कि वह कैंसर मुक्त हो गए हैं। इस खबर ने उनके परिवार और प्रशंसकों को बड़ी राहत दी। संजय दत्त ने अपनी जंग को याद करते हुए कहा कि मुश्किल दौर में परिवार और दोस्तों का साथ ही सबसे बड़ी ताकत होता है। राकेश रोशन जैसे करीबी का साथ मिलने से उनका हौसला और मजबूत हुआ। आज वह फिर से फिल्मों में एक्टिव हैं और अपने संघर्ष की कहानी से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।

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