April 17, 2026

संभल में होली पर प्रशासन का बड़ा फैसला: चौपाई जुलूस मार्ग की 10 मस्जिदों को तिरपाल से ढका जाएगा!

संभल, उत्तर प्रदेश – होली के त्यौहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। संभल में होली के दिन निकलने वाले चौपाई जुलूस के मार्ग में पड़ने वाली मस्जिदों को तिरपाल और पन्नी से ढका जाएगा। प्रशासन ने यह निर्णय दोनों समुदायों की सहमति से लिया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

दोनों पक्षों की सहमति से लिया गया फैसला

संभल जिले के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) श्रीशचंद्र ने जानकारी दी कि जुलूस के दौरान जिन रास्तों से चौपाई निकलेगा, उन मार्गों पर आने वाले धार्मिक स्थलों को पहले से ही कवर कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से 10 मस्जिदें ऐसी हैं, जिनको तिरपाल और पन्नी से ढका जाएगा। इस फैसले पर दोनों पक्षों से बातचीत की गई, जिसमें सभी ने सहमति जताई।

प्रशासन की सख्त निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

संभल के जिलाधिकारी (DM) राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि होली और अन्य त्यौहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि:

शांति समिति की बैठकें आयोजित की गई हैं, जिससे सभी समुदायों के बीच आपसी समन्वय बना रहे।

27 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

6 जोन और 29 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।

250 सीसीटीवी कैमरों के अलावा अतिरिक्त 100-150 कैमरे लगाए गए हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।

त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है, जिसमें PAC बटालियन की तैनाती भी शामिल है।

शहर में शांति, लेकिन प्रशासन अलर्ट

DM राजेंद्र पेंसिया ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में शहर में पूरी तरह शांति का माहौल है, लेकिन सुरक्षा के सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि त्यौहार सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया जाए और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जाए। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।”

क्या है चौपाई जुलूस और क्यों लिया गया यह फैसला?

होली के अवसर पर निकलने वाला चौपाई जुलूस हिंदू धार्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें भक्तजन धार्मिक चौपाइयां गाते हुए नगर भ्रमण करते हैं। कई बार इस जुलूस के मार्ग में विभिन्न समुदायों के धार्मिक स्थल आते हैं, जिससे संवेदनशील माहौल बनने की संभावना रहती है। इस बार प्रशासन ने पहले से ही सावधानी बरतते हुए जुलूस मार्ग की मस्जिदों को ढकने का निर्णय लिया है, जिससे किसी भी प्रकार के तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

प्रशासन के इस फैसले पर स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ लोगों ने इसे शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सही कदम बताया, तो कुछ ने इसे अनावश्यक करार दिया। हालांकि, दोनों पक्षों की सहमति से यह निर्णय लागू किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

क्या होली के बाद हटाई जाएंगी तिरपाल?

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, होली का त्यौहार समाप्त होने के बाद तिरपाल को हटा दिया जाएगा और स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।

निगरानी और सतर्कता बनी रहेगी

संभल में प्रशासन इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। यही कारण है कि सुरक्षा के इतने व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अब देखना यह होगा कि होली का यह त्यौहार शांति और सौहार्द के साथ संपन्न होता है या नहीं।

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