संभल हिंसा: जमीयत उलेमा ए हिंद की ओर से मृतकों के परिवारों को मिली आर्थिक मदद, 17 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज!
उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए हिंसक घटनाक्रम में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद, मृतकों के परिजनों को अब तक जमीयत उलेमा ए हिंद की ओर से आर्थिक सहायता दी जा रही है। पहले पांच-पांच लाख रुपए की मदद दी गई थी, और अब जमीयत उलेमा ए हिंद के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें एक-एक लाख रुपए की अतिरिक्त मदद दी है।
गुरुवार को गुजरात से आए जमीयत उलेमा के प्रतिनिधिमंडल ने संभल के प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी तकलीफों को समझा। मौलाना कासमी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य रमजान से पहले पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना और उन्हें मदद पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा ए हिंद का यह कदम कानून और न्याय के मार्ग को मजबूती से बनाए रखने के लिए है, और हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करता है।
संभल हिंसा मामले में अब तक कुल 80 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और न्यायालय ने 59 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में पुलिस अब तक 17 आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी खारिज कर चुकी है, जिन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शासकीय वकील हरि प्रकाश सैनी ने बताया कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी है, और आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था, और अब देखना यह है कि न्याय की प्रक्रिया में क्या नया मोड़ आता है।
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