April 17, 2026

संभल हिंसा में नया खुलासा: जामा मस्जिद समिति अध्यक्ष ने सपा सांसद का नाम लिया, पूर्व नियोजित थी घटना?

संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। पुलिस की जांच में अब समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क का नाम सामने आया है। यह नाम किसी और ने नहीं, बल्कि खुद जामा मस्जिद प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जफर अली ने लिया है, जो इस समय पुलिस की गिरफ्त में है।

जफर अली की गिरफ्तारी और खुलासा

संभल पुलिस ने 23 मार्च को जफर अली को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एसआईटी द्वारा की गई पूछताछ में उसने चौंकाने वाला बयान दिया। सूत्रों के मुताबिक, जफर अली ने कबूल किया कि 24 नवंबर की हिंसा की जानकारी पहले से ही सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क को थी। इससे पहले भी इस हिंसा के तार सांसद से जुड़े होने के आरोप लगते रहे हैं और पुलिस उनके खिलाफ एक्शन भी ले चुकी है। अब इस नए खुलासे के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।

हिंसा पूर्व नियोजित थी? केस डायरी में चौंकाने वाले दावे

संभल हिंसा मामले की जांच के दौरान पुलिस ने केस डायरी भी दाखिल की है, जिसमें यह दावा किया गया है कि हिंसा पहले से ही नियोजित थी। इस डायरी में कई अहम जानकारियां दर्ज हैं, जो यह संकेत देती हैं कि यह घटना अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है।

कोर्ट में पेशी और जमानत की कोशिश

जफर अली को इस मामले में अदालत में पेश किया जाना है। उसने जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन पिछली सुनवाई को स्थगित करते हुए कोर्ट ने इसे 4 अप्रैल के लिए टाल दिया था। अब देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और जफर अली की जमानत याचिका पर क्या फैसला आता है।

संभल में सुरक्षा सख्त, ड्रोन से निगरानी

संभल में हुई इस हिंसा के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। खासतौर पर शुक्रवार को जुम्मे की नमाज और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया।

संभल के सीओ अनुज चौधरी ने कहा, “यह एक नियमित मार्च है। राम नवमी, हनुमान जयंती और अंबेडकर जयंती जैसे त्योहार आ रहे हैं, इसलिए हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। आज जुम्मा भी है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य है और हम इसे बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।”

क्या हिंसा की बड़ी साजिश थी?

अब तक की जांच के आधार पर साफ हो गया है कि संभल हिंसा कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना जताई जा रही है। पुलिस की केस डायरी में दर्ज तथ्यों और जफर अली के खुलासे के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सपा सांसद की इस मामले में भूमिका और गहरी हो सकती है? क्या आगे और गिरफ्तारियां होंगी? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!