उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी की सांसद रुचिवीरा और कांग्रेस नेता असद मौलाई के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, आचार संहिता उल्लंघन का आरोप
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लोकसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में समाजवादी पार्टी की सांसद रुचिवीरा और कांग्रेस नेता असद मौलाई के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब दोनों नेताओं ने बिना अनुमति के जनसभाएं की थीं, जिसके बाद अदालत ने उन्हें बार-बार पेश होने के लिए कहा, लेकिन दोनों नेताओं ने अदालत में पेश नहीं होने के कारण अब कोर्ट ने वारंट जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी, और पुलिस को आदेश दिया गया है कि दोनों नेताओं को अदालत में पेश किया जाए।
इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब रुचि वीरा ने 7-8 फरवरी 2024 को मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में बिना अनुमति के एक जनसभा का आयोजन किया था। वहां जब सिटी मजिस्ट्रेट ने रुचि वीरा को देखा और उनसे पूछा, तो सपा सांसद के साथ बहस हो गई, जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए रिपोर्ट दर्ज की थी।
रुचि वीरा का राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है, और वे बिजनौर से विधायक रह चुकी हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन के तहत मैदान में उतारा था और उन्होंने इस चुनाव में जीत हासिल की। रुचि वीरा के पास करीब 25 करोड़ रुपये की संपत्ति है और वे आजम खान की करीबी मानी जाती हैं।
अब इस मामले की सुनवाई 11 मार्च को होगी, और पुलिस को दोनों नेताओं को अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया है, जिससे इस केस में अब और नई जानकारी सामने आने की संभावना है।
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