बिग बॉस में कंटेस्टेंट बनने के लिए देनी पड़ती है अग्निपरीक्षा, जानिए सेलेक्शन प्रक्रिया का हर राज
सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में कंटेस्टेंट बनना कोई आसान काम नहीं है। पिछले 20 सालों से यह शो दर्शकों का मनोरंजन करता आ रहा है, जिसमें सेलिब्रिटी लगभग 100 दिनों तक एक-दूसरे के साथ बिना बाहरी दुनिया से संपर्क किए रहते हैं। लेकिन घर में एंट्री पाने से पहले कंटेस्टेंट्स को कड़ी जांच से गुजरना पड़ता है ताकि वे शो के अंदर के दबाव और तनाव को सहन कर सकें।
सबसे पहले, बिग बॉस की टीम टीवी, ओटीटी, बॉलीवुड या सोशल मीडिया के मशहूर नामों की लिस्ट बनाती है। उनकी प्रोफाइल और पिछले इंटरव्यू पढ़े जाते हैं ताकि उनकी सोच और पर्सनालिटी के बारे में समझा जा सके। इसके बाद shortlisted कंटेस्टेंट्स से गहराई से इंटरव्यू लिया जाता है जिसमें उनकी निजी जिंदगी, परिवार, डर और मानसिक स्थिति का जायजा लिया जाता है। इस दौरान कभी-कभी उनके परिवार वालों से भी बातचीत की जाती है ताकि उनकी मानसिक मजबूती का पता चले।
फिटनेस टेस्ट भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि शो में कई बार शारीरिक मेहनत वाले टास्क होते हैं। इसलिए मेडिकल जांच में ब्लड टेस्ट, ईसीजी सहित अन्य जरूरी टेस्ट किए जाते हैं ताकि कोई गंभीर बीमारी या पुरानी चोट सामने आ सके। इसके अलावा कंटेस्टेंट्स को अपने पुरानी बीमारियों के बारे में पूरी जानकारी देनी होती है ताकि टास्क के दौरान उनकी सेहत खराब न हो।
ड्रग्स और अल्कोहल टेस्ट भी अनिवार्य होता है क्योंकि शो में किसी भी तरह के नशे की अनुमति नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया जाता है क्योंकि घर में अकेलेपन और तनाव के बीच अपनी भावनाओं को कंट्रोल करना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए कंटेस्टेंट्स का साइकोलॉजिकल टेस्ट और स्ट्रेस टेस्ट किया जाता है ताकि यह जाना जा सके कि वे मानसिक रूप से शो के दबाव को कैसे संभालेंगे।
अंत में कंटेस्टेंट का बैकग्राउंड भी चेक किया जाता है ताकि कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड या विवाद न हो। सभी जांच पूरी होने के बाद ही चैनल के साथ कॉन्ट्रैक्ट और नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट (NDA) साइन किया जाता है, जिससे शो की सारी जानकारियां बाहर न जाएं। यह सारी प्रक्रिया इसलिए अपनाई जाती है ताकि बिग बॉस के घर में केवल वे ही लोग आएं जो इस चुनौतीपूर्ण सफर के लिए पूरी तरह तैयार हों।
सलमान खान का यह शो हर साल लाखों दर्शकों का मनोरंजन करता है, और इस सफलता के पीछे कंटेस्टेंट्स की कड़ी तैयारी और चयन प्रक्रिया का भी बड़ा हाथ है।
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