ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के लिए वनडे सीरीज का समापन रोमांचक अंदाज में हुआ। सिडनी में खेले गए आखिरी मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर जीत दर्ज की। हालांकि सीरीज 2-1 से ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में रही, लेकिन भारतीय फैंस के लिए आखिरी मैच का नतीजा यादगार रहा। इस मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली की शानदार बैटिंग ने सभी का ध्यान खींचा।
सिडनी के मैदान पर रोहित और विराट ने 168 रन की बेहतरीन साझेदारी निभाई। रोहित ने 121 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि विराट ने 74 रन बनाकर टीम को नाबाद जीत दिलाई। रोहित का यह लगातार दूसरा मैच था जिसमें उन्होंने 50 से ज्यादा रन बनाए, जबकि कोहली ने दो लगातार मैचों में 0 पर आउट होने के बाद यह मैच जिताऊ पारी खेली। दोनों की इस परफॉर्मेंस ने फैंस को उत्साहित किया और संन्यास की अफवाहों को कमजोर किया।
सीरीज के शुरू होने से पहले ही विराट और रोहित के संन्यास या ड्रॉप किए जाने की खबरें लगातार चर्चा में थीं। माना जा रहा था कि यह दौरा उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी अवसर हो सकता है। लेकिन सिडनी में शानदार प्रदर्शन और मैच के बाद रोहित के बयान ने इस डर को समाप्त कर दिया। रोहित ने इंटरव्यू में कहा कि फिलहाल दोनों संन्यास लेने के मूड में नहीं हैं और उनका फोकस खेल को इंजॉय करने पर है।
रोहित ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में खेलना हमेशा से उन्हें अच्छा लगता रहा है और यहां आने से 2008 की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने यह भी इशारा दिया कि चाहे अगले दौरे की संभावना कम हो, लेकिन फिलहाल उनका बैट आराम पाने के मूड में नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं को गाइड करना और टीम के बेसिक्स पर ध्यान देना उनका मुख्य उद्देश्य होगा।
अब फैसला हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के हाथों में होगा। यह देखा जाना बाकी है कि दोनों के प्रदर्शन से चयनकर्ता अगली सीरीज में उन्हें टीम में बनाए रखेंगे या नहीं। फैंस को उम्मीद है कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ 30 नवंबर से रांची में शुरू होने वाली वनडे सीरीज में रोहित और कोहली की जोड़ी फिर से नजर आएगी।
सिडनी में मिली जीत और रोहित-कोहली के बयान ने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट के इन दिग्गजों का कमाल अभी खत्म नहीं हुआ है। फैंस के लिए यह उत्साहजनक संकेत है कि उनका जादू अभी भी जारी रहेगा और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
Share this content:
