May 5, 2026

अपने ही पैसे से मारे जा रहे रूसी सैनिक: यूरोपीय देशों ने जब्त संपत्ति से यूक्रेन को हथियार देने की योजना बनाई

दुनिया को अपनी चपेट में लिए हुए है। युद्ध के रुकने के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं और दोनों ओर से सैन्य दबाव लगातार बना हुआ है। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है—यूरोपीय देश अब रूस की जब्त संपत्तियों से यूक्रेन को सैन्य मदद देने की तैयारी कर रहे हैं। यानी, एक तरह से कहा जाए तो अब रूस के ही पैसों से उसके सैनिकों को मारा जा रहा है।

 

यूरोपीय संघ के देशों में इस प्रस्ताव पर चर्चा तेज हो गई है कि रूस की फ्रीज की गई संपत्तियों का इस्तेमाल यूक्रेन को दिए जा रहे डिफेंस पैकेज की भरपाई के लिए किया जाए। द टेलीग्राफ के मुताबिक, यूरोपीय संघ रूस की केंद्रीय बैंक की करीब 200 अरब यूरो की जब्त संपत्ति से होने वाले मुनाफे को नए युद्ध कोष में योगदान के रूप में इस्तेमाल करने की योजना पर विचार कर रहा है। इस कोष से यूक्रेन को डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित 10 अरब डॉलर (करीब 7.4 अरब पाउंड) के हथियारों के पैकेज का भुगतान किया जा सकता है।

 

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय का अनुमान है कि फरवरी 2022 से अब तक करीब 10 लाख से अधिक रूसी सैनिक या तो मारे जा चुके हैं या फिर घायल हो चुके हैं। हालांकि रूस ने खुद कभी इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। अमेरिका पहले ही यह फैसला कर चुका है कि रूस की जब्त संपत्तियों को दंड स्वरूप इस्तेमाल किया जा सकता है। यूरोप में इस समय रूस की कुल जमा संपत्ति लगभग 245 अरब डॉलर बताई जा रही है।

 

अब तक केवल फ्रीज की गई संपत्तियों पर मिलने वाले ब्याज से यूक्रेन की मदद की जा रही थी। उदाहरण के तौर पर, पिछले साल जुलाई में 1.75 अरब डॉलर का भुगतान इसी ब्याज से किया गया था। लेकिन अब यूरोपीय सरकारें पूरी फ्रीज की गई राशि को सीधे सैन्य मदद में उपयोग करने की संभावना पर चर्चा कर रही हैं। हालांकि फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम जैसे देश इस प्रस्ताव को लेकर चिंतित हैं कि इससे यूरो की साख प्रभावित हो सकती है और विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

 

ट्रंप द्वारा यूक्रेन को NATO के जरिए एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार देने की योजना की घोषणा के बाद यह मुद्दा यूरोपीय देशों की सरकारों में औपचारिक चर्चा का विषय बन गया है। मंगलवार को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस पर चर्चा हुई, जहाँ यह जानने की कोशिश की गई कि ट्रंप की योजना को कैसे लागू किया जाएगा। अभी तक यूरोपीय राजधानियों को इसके विस्तृत विवरण की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन इस पर सहमति बनते ही जब्त रूसी फंड जारी किए जा सकते हैं।

 

यह फैसला जहां एक ओर यूक्रेन को मजबूती देगा, वहीं रूस के लिए यह रणनीतिक झटका साबित हो सकता है कि उसके ही पैसों से उस पर हमला किया जा रहा है।

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