भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती का सीधा प्रभाव आज शेयर बाजार में देखने को मिला, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में खुले और पूरे दिन रौनक बनी रही। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 5.25% कर दिया है। इस फैसले से ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बढ़ी और निवेशकों ने खासतौर पर बैंकिंग, NBFC, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर्स में जमकर खरीदारी की। कम खुदरा महंगाई और आर्थिक संकेतकों में सुधार ने RBI को राहत देने का अवसर दिया, जिसके बाद मार्केट में एक मजबूत सकारात्मक माहौल बना।
सुबह ट्रेडिंग की शुरुआत में ही निफ्टी बैंक मामूली बढ़त के साथ 59,349.05 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी ऑटो 27,764.00 और निफ्टी रियल्टी 892.45 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि पॉलिसी घोषणा के बाद बाजार में तेजी और बढ़ी। सुबह 10 बजे के बाद जैसे ही MPC का फैसला सार्वजनिक हुआ, निफ्टी बैंक 0.6% उछलकर 59,658.65 पर पहुंच गया। निफ्टी ऑटो में 0.4% और निफ्टी रियल्टी में 1% की तेजी दर्ज हुई। इसके साथ ही फाइनेंशियल सेक्टर के प्रमुख शेयर 1.5% तक चढ़ गए। AU स्मॉल फाइनेंस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक में 1% से 1.5% तक की बढ़त देखी गई, जबकि HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे दिग्गज शेयर भी हरे निशान में आए।
रियल एस्टेट कंपनियों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, ओबेरॉय रियल्टी, प्रेस्टीज एस्टेट्स और DLF के शेयर 1% से 2% तक चढ़े। ब्याज दरों में नरमी का सीधा लाभ रियल एस्टेट सेक्टर को मिलता है, क्योंकि इससे होम लोन सस्ते होने की उम्मीद बनती है और प्रॉपर्टी की मांग बढ़ती है। ऑटो सेक्टर में भी मारुति सुजुकी, आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 1% तक की तेजी रही। हालांकि स्मॉल-कैप शेयरों में 0.6% की गिरावट दर्ज की गई और मिड-कैप लगभग स्थिर रहे, लेकिन दिग्गज शेयरों की मजबूती ने बाजार को संभाले रखा।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ग्रोथ को गति देने वाला है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रवि सिंह ने कहा कि कम महंगाई और कोर CPI में स्थिरता ने RBI को रेपो रेट घटाने की अनुमति दी। उनका कहना है कि जैसे-जैसे RBI द्वारा लिक्विडिटी बढ़ाने के उपाय लागू होंगे, बैंकों तक इसका लाभ जल्दी पहुंचेगा। OMOs और डॉलर-रुपया स्वैप जैसे कदम बाजार में नकदी बढ़ाएंगे, जिससे बैंकों की फंडिंग कॉस्ट घटेगी और लोन सस्ता होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, RBI के इस फैसले ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है और बाजार में सकारात्मक माहौल पैदा किया है। ब्याज दरों में कटौती का लाभ आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख क्षेत्रों में देखने को मिलेगा, जिससे मार्केट की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।
Share this content:
