घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने फ्लोटिंग-रेट लोन से जुड़ी बड़ी पॉलिसी में बदलाव कर दिया है, जिससे होम लोन पहले से अधिक सस्ते हो सकेंगे। अब जैसे ही ग्राहक का क्रेडिट स्कोर सुधरेगा, बैंक तुरंत उसके लोन पर लगने वाला स्प्रेड कम कर सकेंगे। पहले बैंकों को स्प्रेड की समीक्षा करने में कम से कम तीन साल का इंतजार करना पड़ता था। नए नियम इस लॉक-इन अवधि को पूरी तरह खत्म कर रहे हैं, जिससे बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को तुरंत कम ब्याज दर का लाभ मिल सकेगा।
आरबीआई के अनुसार होम लोन की ब्याज दर दो हिस्सों में तय होती है—पहला बाहरी बेंचमार्क जैसे रेपो रेट या T-Bill यील्ड, और दूसरा बैंक का स्प्रेड, जिसमें क्रेडिट रिस्क और बैंक की लागत शामिल होती है। अब संशोधित गाइडलाइंस के बाद बैंक क्रेडिट स्कोर बेहतर होते ही स्प्रेड कम कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर किसी ग्राहक का क्रेडिट स्कोर लोन चलने के दौरान 0.25 से 1 प्वाइंट भी मजबूत हुआ है, तो बैंक तुरंत उस पर कम ब्याज दर लागू कर सकेगा। इससे EMI में हजारों रुपये तक की बचत संभव है—खासतौर पर तब, जब होम लोन की रकम 50-60 लाख रुपये के आसपास हो और अवधि लंबी हो।
आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस लाभ का फायदा उठाने के लिए मौजूदा ग्राहकों को खुद बैंक से रेट कट की मांग करनी होगी। पहले नए ग्राहकों को तुरंत कम ब्याज दर मिल जाती थी, जबकि पुराने ग्राहक तीन साल तक इंतजार करते रह जाते थे। नई व्यवस्था से अब सभी को समान मौका मिलेगा। ग्राहक अपने क्रेडिट स्कोर की नियमित जांच करें और स्कोर में सुधार होते ही बैंक से स्प्रेड कम करने या लोन की अवधि घटाने का अनुरोध करें। इससे ब्याज में बड़ी बचत होगी और होम लोन कहीं अधिक सस्ता साबित होगा।
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