April 20, 2026

रांची बंद: आदिवासी संगठनों का विरोध, शहर में भारी सुरक्षा इंतजाम, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

रांची में आज एक बड़ा संकट पैदा हो सकता है, अगर आप झारखंड की राजधानी रांची में रहते हैं या आज रांची आने की योजना बना रहे हैं, तो कृपया अपने कार्यक्रम को तत्काल स्थगित कर दें। वजह है कि आज आदिवासी संगठनों द्वारा रांची बंद का आह्वान किया गया है। यह बंद, सिरम टोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल के सामने बन रहे फ्लाईओवर के रैंप को हटाने की मांग को लेकर बुलाया गया है, जो आदिवासी समुदाय के लिए भारी कठिनाई पैदा कर रहा है।

आदिवासी संगठनों का विरोध और सुरक्षा इंतजाम
आदिवासी संगठनों का आरोप है कि फ्लाईओवर के रैंप का निर्माण केंद्रीय सरना स्थल के मुख्य द्वार के पास हो रहा है, जिससे सरहुल और अन्य प्रमुख समारोहों के दौरान लाखों की संख्या में आदिवासी लोग यहां पहुंचते हैं और उन्हें कठिनाई होती है। इस विरोध को देखते हुए रांची पुलिस ने पूरी शहर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दी है। पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं, जिसमें 1000 से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी के माध्यम से बंद के दौरान किसी भी उपद्रव या हिंसा को नियंत्रित करने की तैयारी की गई है।

सीसीटीवी निगरानी और कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस ने इस मामले में पूरी तरह से सतर्क रहते हुए रांची के विभिन्न चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी शुरू कर दी है। कंट्रोल रूम से लगातार शहर के विभिन्न हिस्सों की निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार के उपद्रव या हिंसा में शामिल आरोपियों को चिन्हित करके उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पारंपरिक समारोहों की संभावना पर सवाल
आदिवासी समुदाय की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि फ्लाईओवर के रैंप के कारण वे सरहुल और अन्य पारंपरिक समारोहों के दौरान केंद्रीय सरना स्थल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है। पहले भी आदिवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और 30 से अधिक आदिवासी विधायकों की शव यात्रा निकालकर विरोध जताया था। अब, एक बार फिर से रांची बंद का आह्वान किया गया है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्कूलों और अन्य सुविधाओं पर असर
इस बंद के कारण रांची में कई स्कूलों को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शहर में 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की है और सुरक्षा के लिहाज से उच्चतम स्तर पर अलर्ट जारी किया है। हालांकि, आदिवासी संगठनों ने यह स्पष्ट किया है कि अस्पताल, एंबुलेंस, दवा दुकानों और परीक्षार्थियों को इस बंद से बाहर रखा जाएगा और उनकी सेवाएं जारी रहेंगी।

कड़ी चेतावनी और प्रशासन की निगरानी
रांची जिला प्रशासन ने बंद के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रशासन का कहना है कि अगर किसी ने शहर की कानून व्यवस्था को तोड़ने की कोशिश की तो उसे चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र और प्रशासन के लिए चुनौती
आज रांची में झारखंड विधानसभा का बजट सत्र भी चल रहा है, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत विधानसभा के अन्य सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में आदिवासी संगठनों का यह बंद और चक्का जाम प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। रांची के प्रशासन के लिए यह दिन न केवल सुरक्षा इंतजामों के लिहाज से, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी काफी मुश्किल होने वाला है।

इस पूरे घटनाक्रम के मद्देनजर आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा और अन्य कार्यक्रमों को स्थगित कर दें और किसी भी स्थिति में रांची में बिना अत्यधिक जरूरत के बाहर न निकलें।

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