राज ठाकरे का महाकुंभ पर विवादित बयान, गंगा का पानी गंदा, मैंने कभी नहीं छुआ!
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने महाकुंभ के स्नान करने वालों को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने गंगा के पानी को गंदा बताते हुए कहा कि वह कभी भी इस पानी को नहीं छूएंगे। पिंपरी चिंचवड़ में अपनी पार्टी के 19वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने लोगों से अंधविश्वास से बाहर आने की अपील की और कहा कि गंगा के पानी की सफाई पर सवाल उठाए।
राज ठाकरे ने कहा, “हाल ही में मुंबई की एक सभा में कुछ पदाधिकारी अनुपस्थित थे और उन्होंने बताया कि वे कुंभ मेले में गए थे। मैंने उनसे पूछा, ‘इतने पाप क्यों करते हो कि उन्हें धोने के लिए गंगा में जाना पड़ता है?’ इतने लोगों के स्नान करने के बाद गंगा कैसे स्वच्छ रहेगी? मैं श्रद्धा की कद्र करता हूं, लेकिन एक भी नदी इस देश में स्वच्छ नहीं है। हम नदी को माता कहते हैं, लेकिन उसे साफ नहीं रखते। राजीव गांधी के समय से गंगा की सफाई की बातें सुन रहे हैं, लेकिन अब तक उसका क्या हुआ?”
महाकुंभ में 66 करोड़ लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। यह महाकुंभ भारत के लिए ऐतिहासिक था क्योंकि 144 वर्षों में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। 13 जनवरी को शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन समाप्त हुआ, जब करीब 1.32 करोड़ श्रद्धालुओं ने अंतिम अमृत स्नान किया। इस मेले में 50 से अधिक देशों से लोग पहुंचे थे।
राज ठाकरे का यह बयान महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को चुनौती देने जैसा माना जा रहा है, और इससे एक बार फिर समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक विश्वासों को लेकर बहस छिड़ने की संभावना है।
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