May 2, 2026

रेलवे भर्ती घोटाले का खुलासा: CBI ने कई अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया, रिश्वत वसूली का बड़ा मामला

रेलवे भर्ती घोटाले में सीबीआई ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कई उच्च पदस्थ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला रेलवे में विभागीय परीक्षा पास कराने के लिए रिश्वत लेने का है, जिसमें वडोदरा, मुंबई और अन्य स्थानों के रेलवे अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। सीबीआई के अनुसार, यह रिश्वत वसूली एक संगठित तरीके से की जा रही थी, जिसमें लाखों रुपये की रिश्वत ली जा रही थी, और इस रकम का लेन-देन कैश की बजाय सोने में किया जाता था ताकि किसी प्रकार का कोई रिकॉर्ड न बने।

कई रेलवे अधिकारियों का नाम सामने आया

सीबीआई ने पश्चिमी रेलवे के विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें अंकुश वासन (IRPS, वेस्टर्न रेलवे, वडोदरा), संजय कुमार तिवारी (डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर, चर्चगेट, वेस्टर्न रेलवे, मुंबई), नीरज सिन्हा (डिप्टी सुपरिटेंडेंट), मुकेश मीणा और अन्य शामिल हैं। जांच में यह सामने आया है कि इन अधिकारियों ने रेलवे द्वारा आयोजित होने वाली विभागीय परीक्षा पास करने के इच्छुक उम्मीदवारों से रिश्वत वसूली थी।

रिश्वत देने वालों की लिस्ट बनाई गई

सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने एक सूची तैयार की थी जिसमें ऐसे उम्मीदवारों के नाम थे जो रिश्वत देकर परीक्षा पास करना चाहते थे। हर उम्मीदवार से 4 से 5 लाख रुपये की रिश्वत ली गई, और यह रकम कैश की बजाय सोने के रूप में ली जाती थी, ताकि किसी भी प्रकार का कागजी रिकॉर्ड न रहे।

अंकुश वासन ने संजय कुमार तिवारी को निर्देश दिया था कि वह इस सूची में शामिल उम्मीदवारों को लेकर मुकेश मीना से संपर्क करें। मुकेश मीना ने बताया कि उसने पहले ही पांच उम्मीदवारों से रिश्वत ले ली थी। इसके बाद, संजय कुमार तिवारी और मुकेश मीना ने यह तय किया कि रिश्वत सीधे तौर पर मुकेश मीना द्वारा संजय कुमार तिवारी को सौंपी जाएगी, और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की मध्यस्थता नहीं होगी।

सीबीआई की जांच जारी, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी

सीबीआई के मुताबिक, यह सब कुछ काफी संगठित तरीके से हो रहा था, और इससे यह साफ होता है कि रेलवे भर्ती में बड़ा घोटाला हुआ था। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में सीबीआई ने यह भी कहा है कि जल्द ही और नाम सामने आ सकते हैं क्योंकि जांच अभी जारी है।

यह घोटाला भारतीय रेलवे की पारदर्शिता और ईमानदारी पर बड़ा सवाल उठाता है, और इस मामले की जांच के बाद कई और अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीबीआई इस मामले में कितनी सख्त कार्रवाई करती है और क्या इन अधिकारियों को जल्द ही सजा मिलती है।

रेलवे भर्ती में हुई इस धोखाधड़ी के बाद सीबीआई की सख्त कार्रवाई और सटीक जांच पर सबकी नजरें बनी हुई हैं।

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