April 17, 2026

टीटी का बैग ट्रेन से चोरी हुआ, लेकिन आरपीएफ ने कर दी चोर की गिरफ्तारी—सच्चाई सामने आई!

पुणे-गाजीपुर होली स्पेशल ट्रेन में एक अजीब घटना घटित हुई, जिसने सभी को हैरान कर दिया। आमतौर पर ट्रेनों में चोरी के मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन जब ट्रेन के ही टीटी (टिकट निरीक्षक) का बैग चोरी हो जाए, तो यह एक अजीब और चौंकाने वाला मामला बन जाता है। इस चोरी के मामले में गाजीपुर स्टेशन पर तैनात टीटी राहुल कुमार का बैग चोरी हो गया, और उसमें उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पेनल्टी बुक, टैबलेट और उनका काला कोट जैसे अहम सामान थे। चोर ने यह सारी चीजें ट्रेन के एसी कोच से उड़ा दी थीं, लेकिन आरपीएफ (रेलवे पुलिस बल) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोर को गिरफ्तार कर लिया और चोरी गए सामान को टीटी को वापस लौटा दिया।

चोरी की घटना: एक अजीब संयोग

20 मार्च की रात करीब 12:25 बजे पुणे-गाजीपुर होली स्पेशल ट्रेन गाजीपुर स्टेशन पर पहुंची थी। इस ट्रेन में भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने कई अतिरिक्त ट्रेनें चलाई थीं। गाजीपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकी और सुबह 4 बजे पुणे के लिए रवाना होने वाली थी। इस बीच, ट्रेन के एसी कोच में ड्यूटी पर तैनात टीटी राहुल कुमार अपने काम में व्यस्त थे। तभी किसी अज्ञात चोर ने उनका बैग चोरी कर लिया। बैग में बेहद महत्वपूर्ण सामान था, जिसमें उनकी पेनल्टी और टिकट बनाने की ईएफटी बुक, एक टैबलेट और उनका काला कोट शामिल था।

आरपीएफ को दी जानकारी, फिर हुई कार्रवाई

बैग चोरी होने के बाद, राहुल कुमार ने तुरंत इसकी जानकारी आरपीएफ को दी। उन्होंने बताया कि बैग में वह सारी चीजें थीं, जिनका उपयोग ट्रेन में अवैध यात्रा करने वालों से पेनल्टी लेने और टिकट बनाने में होता है। इसके अलावा, उनकी निजी वस्तुएं जैसे टैबलेट और काला कोट भी चोरी हो गए थे। इस सूचना के बाद गाजीपुर आरपीएफ की टीम सक्रिय हो गई और चोर की तलाश शुरू कर दी।

आरपीएफ ने कैसे पकड़ा चोर?

आरपीएफ के प्रभारी अमित राय के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस रामकृष्णन के मार्गदर्शन में पूरी टीम ने मुखबिरों को सक्रिय किया और रात में ही चोर को पकड़ने की योजना बनाई। डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत और प्रयास के बाद आरपीएफ को यह सूचना मिली कि एक व्यक्ति जिसका नाम कमलेश (उम्र 35) है, वह चुराए गए बैग और उसमें रखे गए सामान के साथ गाजीपुर के समनपुर क्षेत्र में मौजूद है।

गिरफ्तारी और सामान की बरामदगी

आरपीएफ ने कमलेश को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की। उसने चोरी की पूरी घटना को स्वीकार किया और अपना जुर्म कबूल किया। आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार करने के बाद मामला रेलवे मजिस्ट्रेट वाराणसी के सामने पेश करने के लिए सभी कागजी कार्रवाई पूरी की। टीटी को उनका खोया हुआ बैग और सभी सामान लौटाए गए, जिसे देख टीटी राहुल कुमार ने आरपीएफ जवानों का धन्यवाद किया।

चोरी का सामान गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था

टीटी राहुल कुमार ने बताया कि अगर चोरी गया सामान गलत हाथों में पड़ता, तो किसी भी ट्रेन की बोगी में चढ़कर काला कोट पहनकर अवैध टिकट बनाने का प्रयास किया जा सकता था। इसीलिए, उनका मानना था कि इस मामले में आरपीएफ की तत्परता और त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया और चोरी गया सामान वापस पाया गया।

इस घटना ने यह साबित कर दिया कि रेलवे पुलिस बल अपनी तत्परता और समर्पण के साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए काम करता है। आरपीएफ की सक्रियता ने न केवल चोर को गिरफ्तार किया, बल्कि दिल्ली-गाजीपुर होली स्पेशल ट्रेन के टीटी को उनका जरूरी सामान भी लौटाया।

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