April 17, 2026

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा विवाद पर आया बड़ा मोड़, सोसाइटी अध्यक्ष ने की माफी, क्या अब रास्ता होगा साफ?

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को लेकर जो विवाद छिड़ा था, अब धीरे-धीरे सुलझता नजर आ रहा है। पहले जहां एनआरआई ग्रीन सोसाइटी ने उनकी पदयात्रा में ढोल-नगाड़े, कीर्तन और आतिशबाजी को लेकर विरोध जताया था, वहीं अब सोसाइटी के अध्यक्ष ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर उनसे माफी मांगी है। इस घटनाक्रम ने वृंदावन के धार्मिक और सामाजिक माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है।

पदयात्रा का विवाद और सोसाइटी का विरोध

प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा रात करीब 2 बजे श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी से रमणरेती स्थित आश्रम हित राधा केली कुंज तक जाती है। इस पदयात्रा में हर साल सैकड़ों साधु-संतों के साथ हजारों भक्त भी शामिल होते हैं। भक्तों की संख्या इतनी अधिक होती है कि वे सड़क के दोनों ओर खड़े होकर महाराज के दर्शन करते हैं, जबकि इस दौरान भजन-कीर्तन और आतिशबाजी का आयोजन भी किया जाता है।

हालांकि, इस बार एनआरआई ग्रीन सोसाइटी के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि ढोल-नगाड़े की आवाज और आतिशबाजी से सोसाइटी के लोगों को परेशानी हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने विरोध करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

प्रेमानंद महाराज ने बदल दिया रास्ता

शिकायत के बाद प्रेमानंद महाराज ने अपनी पदयात्रा में बदलाव करते हुए पैदल यात्रा की जगह गाड़ी से यात्रा करना शुरू कर दिया। हालांकि, इस बदलाव के बावजूद विवाद की स्थिति बनी रही।

अब, इस विवाद में एक नया मोड़ आया है। एनआरआई ग्रीन सोसाइटी के अध्यक्ष ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाकर उनसे माफी मांगी है। सोसाइटी के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें गलतफहमी हुई थी और वे कुछ यूट्यूबरों के बहकावे में आ गए थे। यूट्यूबरों ने उनसे कुछ बयान दिलवाए थे, जिनसे विवाद और बढ़ गया।

सोसाइटी अध्यक्ष ने माफी मांगी

सोसायटी अध्यक्ष ने प्रेमानंद महाराज से कहा, “हमारे लोग यूट्यूबरों के बहकावे में आकर गलत बयान दे बैठे थे। हम बृजवासी हैं, और जब उन यूट्यूबरों ने हमें ऐसा बोलने को कहा, तो हमने बिना सोचे-समझे वह कह दिया। अब हमें एहसास हुआ कि हमारी बात गलत थी। मैं आपसे माफी मांगने आया हूं।”

इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा, “हमारा कोई विरोध नहीं है, हमारा उद्देश्य सिर्फ सुख देना है। यदि किसी को किसी कारण से तकलीफ हो, तो हम हमेशा रास्ता बदलने को तैयार हैं।”

प्रेमानंद महाराज का संदेश

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा, “जो लोग बृजवासी हैं और जिन्होंने हमें किसी बात के लिए आरोपित किया, उन्हें हम प्रणाम करते हैं। यह एक गलतफहमी थी और अब वह साफ हो गई है।”

सोसायटी के अध्यक्ष ने कहा, “महाराज जी, आप अपनी यात्रा जारी रखें, और मैं वादा करता हूं कि हमारी सोसाइटी पर हम सभी साधु-संतों का स्वागत करेंगे।” इस संवाद के बाद यह विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है, और प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है।

क्या अब होगा सब कुछ सामान्य?

यह घटना न केवल वृंदावन के धार्मिक माहौल के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सोसाइटी और प्रेमानंद महाराज के बीच के रिश्तों को भी एक नई दिशा दे सकती है। अब यह देखना होगा कि सोसाइटी के अध्यक्ष की ओर से की गई माफी और प्रेमानंद महाराज के सकारात्मक रवैये के बाद क्या यह विवाद पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा, और क्या आगामी दिनों में महाराज की पदयात्रा बिना किसी परेशानी के शांतिपूर्वक संपन्न होगी।

वृंदावन में इस घटना के बाद अब भक्तों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस मुद्दे पर अंतिम समाधान हो चुका है और क्या सोसाइटी और प्रेमानंद महाराज के रिश्ते अब पहले की तरह मजबूत होंगे?

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