April 17, 2026

प्रयागराज का ‘इलाहाबादी अमरूद’ महोत्सव: फलों के इस राजकुमार ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान, मौसम की मार के बावजूद हुआ पुनर्जीवित!

प्रयागराज, जिसे संगम की पवित्र धारा से जाना जाता है, अब अपने अमरूदों के लिए भी प्रसिद्ध हो गया है। अपनी अनोखी मिठास और रंगत के लिए मशहूर इलाहाबादी अमरूद का हर साल आयोजन होने वाला अमरूद महोत्सव इस बार भी चर्चा का विषय बना रहा। रविवार को प्रयागराज रेलवे स्टेशन के निकट स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग में इस महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें ‘एप्पल गुवावा’ जैसे खास अमरूद की प्रजाति ने अपनी धूम मचाई।

महोत्सव में प्रयागराज के एप्पल गुवावा समेत कुल 11 अमरूद की प्रजातियों ने अपनी अद्वितीयता का प्रदर्शन किया। उद्यान उप निदेशक डॉ. कृष्ण मोहन चौधरी ने बताया कि इस महोत्सव में अमरूद की विभिन्न प्रजातियों की प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिनमें एप्पल कलर, ललित, सरदार, धवल, चित्तीदार, इलाहाबादी सुरखा जैसी कई प्रसिद्ध किस्में शामिल थीं। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय से आए कृषि वैज्ञानिकों ने इन फलों का मूल्यांकन कर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार घोषित किए।

मौसम ने किया नुकसान, लेकिन किसानों की मेहनत से मिला पुनर्जीवन

जहां एक ओर प्रयागराज की पहचान तीन नदियों के संगम के रूप में है, वहीं दूसरी ओर इलाहाबादी अमरूद ने भी अपने स्वाद और रंग की वजह से देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, इस साल कुछ समस्याएं सामने आईं, जिनमें विल्ट डिजीज, फ्रूट फ्लाई और रेड नॉट नेमेटोड जैसे रोगों ने अमरूद की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा मौसम की मार ने भी किसानों को तगड़ा नुकसान दिया। लेकिन प्रदेश सरकार की मदद से और किसानों की मेहनत से इस फल की खेती ने पुनर्जीवन पाया।

प्रशासन की मदद से बढ़ी निर्यात की संभावना

उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉ. कृष्ण मोहन चौधरी बताते हैं कि अब तक फ्रूट फ्लाई की समस्या को नियंत्रित करने के लिए फेरोमेन ट्रैप पेड़ों में लगाए गए थे, जिससे इस संकट पर काबू पाया जा सका। साथ ही, ताइवान से आने वाले रुट नॉट निमेटोड के हमले से बचाव के लिए प्रशासन ने बाहर से आने वाले अमरूदों पर रोक लगाई। पहली बार अमरूदों के फल में बैगिंग की गई, जिससे फलों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और इसने विदेशों में भी अपनी पहचान बनानी शुरू की। इससे अमरूद के निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है।

विदेशों में बढ़ी मांग, किसानों को मिला नया जीवन

अब प्रयागराज के अमरूदों की मांग विदेशों में भी बढ़ने लगी है। बैगिंग से अमरूद की गुणवत्ता में सुधार हुआ, जिससे इसकी विदेशों में निर्यात की संभावना बढ़ी है। यह कदम किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है और अमरूद की खेती को एक नई दिशा दी है।

नए क़दम, नए अवसर

प्रयागराज में अमरूद महोत्सव ने न सिर्फ स्थानीय किसानों को एक मंच प्रदान किया है, बल्कि यह क्षेत्रीय कृषि उत्पाद की वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है। प्रशासन, वैज्ञानिकों और किसानों के सामूहिक प्रयासों से इस फल ने मौसम की मार को पार कर पुनर्जीवित किया है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बना रहा है। इस महोत्सव में प्रदर्शित की गई इन प्रजातियों ने यह साबित किया कि जब सही प्रयास और तकनीकी मदद मिलती है, तो कोई भी प्राकृतिक संकट किसानों के हौसले को तोड़ नहीं सकता।

अमरूद महोत्सव की सफलता

इस महोत्सव ने न केवल अमरूद की विभिन्न किस्मों को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि किस तरह से कृषि विज्ञान और प्रशासनिक मदद से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में स्थान मिल सकता है। यह प्रयागराज के कृषि क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है, जिसमें किसान और विज्ञान का संगम हर कदम पर दिखाई देता है।

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