पाकिस्तानी सेना में जवानों की भारी कमी, PoK में गांववालों को दी जा रही हथियार की ट्रेनिंग
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान गहरे खौफ में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को इस हमले का जवाब देने के लिए पूरी छूट दे दी है, जिसके चलते भारतीय सेना हमले की रणनीति पर काम कर रही है। दूसरी ओर पाकिस्तान की सेना पैनिक मोड में है और उसके प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की रातों की नींद उड़ चुकी है। पाकिस्तानी सेना में जवानों की भारी कमी हो गई है, जिसके चलते अब वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में ग्रामीणों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने पर मजबूर हो गई है। PoK में कई जगहों पर पाकिस्तानी सेना ने प्रशिक्षण कैंप लगाए हैं जहां कुर्ता-पायजामा पहने स्थानीय ग्रामीणों को बंदूक चलाने और निशाना साधने की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह स्थिति इसलिए भी उत्पन्न हुई है क्योंकि कई सैनिक युद्ध में हिस्सा लेने से मना कर चुके हैं और कुछ ने फौज तक छोड़ दी है। ऐसे में सेना अब भारत विरोधी भावनाएं भड़का कर स्थानीय नागरिकों को हथियारबंद कर रही है।
PoK में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, भारी तनाव के चलते वहां हजारों मदरसे और स्कूल 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं। बैंकों और एटीएमों को भी बंद किया जा चुका है। खासतौर पर हबीब बैंक ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास अपनी सभी शाखाओं को अचानक बंद कर दिया है। शाखाओं पर नोटिस लगाया गया है कि सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है। PoK में ऐसा माहौल बन चुका है जैसे कर्फ्यू लगा हो। लोग डरे हुए हैं और सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही सीमित रूप से काम कर रही हैं। इसके अलावा भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा सीमित व्यापार भी पूरी तरह ठप हो चुका है। इन सभी घटनाओं से यह संकेत मिल रहे हैं कि पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति बेहद डावांडोल हो गई है और भविष्य में यह संकट और गहरा हो सकता है।
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