May 6, 2026

इमरान खान की पार्टी के 82 नेताओं को जेल, हिंसक प्रदर्शन के मामले में चार महीने की सजा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 82 नेताओं और कार्यकर्ताओं को आतंकवाद निरोधी अदालत ने चार महीने की जेल और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ये सजा पिछले साल नवंबर में इस्लामाबाद और रावलपिंडी में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के मामले में दी गई है। अदालत का यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया, जिससे PTI में जबरदस्त हलचल मच गई है।

यह मामला 26 नवंबर 2024 को हुए उस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा है, जब इमरान खान की गिरफ्तारी के विरोध में उनकी पार्टी के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान राजधानी इस्लामाबाद और पड़ोसी शहर रावलपिंडी में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिनमें कई जगहों पर हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। PTI समर्थकों पर आरोप था कि उन्होंने सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कानून-व्यवस्था को गंभीर रूप से बाधित किया।

इन प्रदर्शनों के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 1,500 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इनमें से कई को बाद में रिहा कर दिया गया, लेकिन जिन 82 कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप थे, उन्हें अदालत में पेश किया गया। अब रावलपिंडी स्थित आतंकवाद निरोधी अदालत ने सबूतों के आधार पर इन्हें दोषी ठहराया है और चार-चार महीने की सजा दी है। अदालत ने इन सभी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

इस फैसले से इमरान खान की पार्टी को बड़ा राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक झटका लगा है। एक तरफ पार्टी प्रमुख इमरान खान खुद अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं, वहीं अब उनकी पार्टी के कई प्रमुख कार्यकर्ता भी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। PTI इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है और पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके समर्थकों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से ही पार्टी पर लगातार दबाव बना हुआ है और यह फैसला उनके राजनीतिक भविष्य पर और भी गंभीर असर डाल सकता है।

यह पूरी घटना पाकिस्तान की वर्तमान राजनीतिक स्थिति की जटिलता को दर्शाती है, जहां एक ओर न्यायिक प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक टकराव अपने चरम पर है। PTI की प्रतिक्रिया और आने वाले दिनों में इसका जनाधार कितना प्रभावित होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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