April 19, 2026

मेहुल चोकसी पीएनबी घोटाला: ईडी की कार्रवाई में अब तक कितनी हुई वसूली, जानिए पूरा अपडेट

हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी द्वारा किए गए 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले की जांच में अब तक कई अहम कदम उठाए जा चुके हैं। यह भारतीय बैंकिंग सेक्टर का सबसे बड़ा घोटाला माना जाता है, जिसकी जांच में ईडी, सीबीआई और कई अन्य एजेंसियां शामिल हैं। हाल ही में मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया है। इस केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीड़ित बैंकों को नुकसान की भरपाई के लिए संपत्तियों की मनीटाइजेशन प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत ईडी ने पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक के साथ मिलकर मुंबई की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में एक संयुक्त आवेदन दायर किया था। कोर्ट ने इस आवेदन को स्वीकार करते हुए 2565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियों के मनीटाइजेशन की अनुमति दी, जिसके बाद इन संपत्तियों को हकदारों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अब तक गीतांजली जेम्स की 125 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति लिक्विडेटर को सौंपी जा चुकी है, जिसमें मुंबई के खेंनी टावर में स्थित फ्लैट्स और SEEPZ इलाके में स्थित दो फैक्ट्रियां व गोदाम शामिल हैं। अन्य संपत्तियों की बहाली की प्रक्रिया भी जारी है। जांच में यह भी सामने आया कि मेहुल चोकसी ने 2014 से 2017 के बीच पीएनबी के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट जारी कराए, जिससे बैंक को 6097.63 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, चोकसी ने आईसीआईसीआई बैंक से भी बड़ा लोन लिया और उसका भुगतान नहीं किया।

ईडी अब तक इस घोटाले में देशभर में 136 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है और 597.75 करोड़ रुपये के गहने व कीमती सामान जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, 1968.15 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिनमें देश-विदेश की संपत्तियां, वाहन, बैंक अकाउंट्स, फैक्ट्रियां, शेयर और ज्वेलरी शामिल हैं। कोर्ट के 10 सितंबर 2024 के आदेश के तहत ईडी और बैंक मिलकर अटैच संपत्तियों का मूल्यांकन और नीलामी करवा रहे हैं। नीलामी से प्राप्त राशि संबंधित बैंकों के एफडी के रूप में जमा की जा रही है। अब तक गीतांजली जेम्स लिमिटेड की छह संपत्तियां, जिनकी कुल कीमत करीब 125 करोड़ रुपये है, पहले ही लिक्विडेटर को सौंपी जा चुकी हैं और शेष संपत्तियों की बहाली का कार्य भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

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