प्रधानमंत्री कार्यालय के सेवा तीर्थ शिफ्ट होने से पहले साउथ ब्लॉक स्थित मौजूदा पीएमओ में मोदी कैबिनेट की अंतिम बैठक अगले सप्ताह होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक यह अहम बैठक 21 जनवरी (बुधवार) को आयोजित हो सकती है। इसे केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांकेतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि करीब 80 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री यहीं से शासन का संचालन करते आ रहे हैं। सेवा तीर्थ में शिफ्ट होने से पहले यह बैठक साउथ ब्लॉक में होने वाली आखिरी कैबिनेट बैठक होगी।
रायसीना हिल स्थित साउथ ब्लॉक का ऐतिहासिक महत्व आज़ादी के बाद से ही रहा है। 15 अगस्त 1947 को देश की पहली कैबिनेट बैठक भी यहीं प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुई थी। अब 21 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां अंतिम कैबिनेट बैठक होने जा रही है। इसके साथ ही एक लंबे प्रशासनिक युग का अंत और नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय जैसे प्रमुख विभाग पहले ही कर्तव्य भवन में अपने नए कार्यालयों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को भविष्य में संग्रहालयों में तब्दील किया जाएगा।
आमतौर पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठकें प्रधानमंत्री आवास, सात लोक कल्याण मार्ग पर होती रही हैं, जहां इसके लिए विशेष कक्ष बनाया गया है। हालांकि, सेवा तीर्थ शिफ्ट होने से पहले साउथ ब्लॉक में अंतिम बार कैबिनेट बैठक बुलाने पर विचार किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह बैठक ऐतिहासिक निरंतरता और परंपरा के सम्मान के तौर पर भी देखी जा रही है। विजय चौक के पास नया पीएमओ पूरी तरह तैयार है और इसी महीने प्रधानमंत्री मोदी के वहां शिफ्ट होने की संभावना है।
सेवा तीर्थ परिसर में कैबिनेट बैठक के लिए एक अलग अत्याधुनिक हॉल बनाया गया है। इसके साथ ही नया प्रधानमंत्री आवास भी विकसित किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा, आवागमन और प्रशासनिक कामकाज में सुविधा हो और आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। नया पीएमओ और आवास, दोनों ही नए संसद भवन के बेहद करीब हैं, जिससे सरकार के विभिन्न अंगों के बीच समन्वय और तेज़ हो सकेगा।
कैबिनेट की यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि 28 जनवरी से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण को मंजूरी देने के लिए कैबिनेट की बैठक आवश्यक होती है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी का आगामी कार्यक्रम भी बेहद व्यस्त है—17 और 18 जनवरी को पश्चिम बंगाल और असम का दौरा, 20 जनवरी को भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम, 25 जनवरी को ‘मन की बात’ और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह शामिल हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन सभी महत्वपूर्ण घटनाओं से पहले पीएमओ का नए पते पर शिफ्ट होना लगभग तय है।
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