बिहार की राजनीति और विकास के बीच छुपे सच का पर्दाफाश: पीएम मोदी का सशक्त संदेश…
बिहार के विकास के नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन इसके बीच राजनीतिक गलियारों में पुरानी लड़ाईयों की परछाइयाँ अभी भी जिंदा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार दौरा सिर्फ विकास योजनाओं का उद्घाटन नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश भी लेकर आया है — एक ऐसा संदेश जो सामाजिक न्याय के दावों की हकीकत से पर्दा हटाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिक्रमगंज से बिहारवासियों को 48,500 करोड़ रुपये की विशाल विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उनका आभार व्यक्त किया। ये योजनाएं न केवल बिहार के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेंगी। फोर लेन और सिक्स लेन सड़कें, नए पुल, रेलवे के आधुनिकीकरण के साथ वंदे भारत जैसी विश्वस्तरीय ट्रेनें बिहार की तस्वीर को पूरी तरह बदलने जा रही हैं।
लेकिन इस विकास के बीच प्रधानमंत्री ने राजनीतिक विरोधियों पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने राजद और कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टियां सामाजिक न्याय के नाम पर झूठ फैला रही हैं और बिहार के गरीब, दलित, पिछड़ों को धोखा दिया है। दशकों तक जब तक ये दल सत्ता में थे, तब तक गरीबों के पास न तो शौचालय था, न पक्का घर, न बैंक खाते — और यही उनकी सामाजिक न्याय की नीति थी। मोदी ने कहा कि राजद-कांग्रेस ने बिहार के लोगों को ठगा है, उनके अत्याचारों की वजह से गरीबों को पलायन करना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने लालू परिवार पर भी निशाना साधा कि उन्होंने विकास की जिम्मेदारी निभाने की बजाय गरीबों की जमीनें लूटकर अपने परिवार की सत्ता को मजबूत किया। उनका कहना था कि रेलवे में भर्ती के नाम पर जमीन हड़पना और भ्रष्टाचार ही उनका ‘सामाजिक न्याय’ था।
साथ ही मोदी ने माओवादी हिंसा के खिलाफ सरकार के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 2014 के बाद घटकर केवल 18 रह गई है और जल्द ही माओवादी हिंसा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास सफल रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की सुरक्षा के लिए भी कटिबद्धता जताई। उन्होंने बीएसएफ के साहसिक ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि जो लोग देश के दुश्मन हैं, चाहे वे सीमा पार हों या देश के अंदर, उन्हें कड़ा जवाब दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने अपने भाषण को भारत माता के जयकारों के साथ समाप्त करते हुए बिहार के विकास और सामाजिक न्याय के नए युग की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया। उनके शब्दों में था वह नया भारत, जो भ्रष्टाचार और अन्याय से मुक्त, समृद्धि और सुरक्षा के पथ पर अग्रसर है।
यह दौरा सिर्फ योजनाओं का उद्घाटन नहीं था, बल्कि एक मजबूत संदेश था कि बिहार अब विकास की रफ्तार को रोकने वाले पुराने राजनीतिक खेलों को नहीं सहने वाला। विकास और सामाजिक न्याय की जो परिभाषा अब बन रही है, वह सच्चाई और समावेशन की होगी, न कि केवल दावों की।
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