April 21, 2026

परेश रावल के जबरदस्त विलेन अवतार: जब पर्दे पर उनके निगेटिव रोल से हीरो तक डर गए

परेश रावल का नाम हिंदी सिनेमा में कॉमेडी के लिए तो खूब जाना जाता है, लेकिन उनका विलेन रूप भी कमाल का रहा है। उनके निगेटिव किरदारों ने हमेशा ही कहानी में सस्पेंस और खौफ पैदा किया, जिससे दर्शक और हीरो दोनों के पसीने छूट जाते थे। ‘हेरा फेरी 3’ छोड़ने के बाद वे फिर सुर्खियों में हैं, इसलिए उनके पाँच सबसे यादगार और प्रभावशाली खलनायक किरदारों पर एक नजर डालते हैं, जो आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई हैं।

 

1. दिलवाले का मामा ठाकुर

अजय देवगन और रवीना टंडन की फिल्म दिलवाले में परेश रावल ने ‘मामा ठाकुर’ का किरदार निभाया था। इस भूमिका में उन्होंने रवीना टंडन के मामा के रूप में उस खौफनाक खलनायक की भूमिका निभाई, जो दोनों प्रेमियों के रिश्ते को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ता। उनका रोल इतना असरदार था कि फिल्म की रोमांटिक कहानी में खलल डालते हुए उनकी मौजूदगी हर सीन में खलनायक के भय का अहसास कराती थी।

 

2. गैंगस्टर वेलजीभाई पाटेकर ‘सर’ फिल्म में

1993 में आई फिल्म सर में परेश रावल ने वेलजीभाई पाटेकर नाम के गैंगस्टर का किरदार निभाया। इस भूमिका में उनकी क्रूरता, सटीक संवाद और आक्रामकता ने दर्शकों को हिलाकर रख दिया। गैंगस्टर के तौर पर उनका किरदार इतना जीवंत और दमदार था कि यह फिल्म 30 सालों बाद भी हिंदी सिनेमा के यादगार निगेटिव रोल्स में गिनी जाती है।

 

3. ‘अंदाज अपना अपना’ के डबल रोल: राम गोपाल और श्याम गोपाल बजाज

फिल्म अंदाज अपना अपना बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन परेश रावल द्वारा निभाए गए डबल निगेटिव रोल—राम गोपाल बजाज और श्याम गोपाल बजाज—को खूब सराहा गया। इस डबल रोल में उन्होंने विलेनशिप के साथ कॉमिक टाइमिंग का भी शानदार मिश्रण दिखाया। उनका अंदाज और डायलॉग डिलीवरी दर्शकों के लिए यादगार बन गई, जिससे ये किरदार आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चित हैं।

 

4. ‘टेबल नंबर 21’ का मिस्टर खान

आदित्य दत्त की थ्रिलर फिल्म टेबल नंबर 21 में परेश रावल का किरदार मिस्टर खान एक सस्पेंस और डर का प्रतीक था। इस फिल्म में रैगिंग और उसका खौफनाक असर दिखाते हुए उन्होंने एक ऐसे इंसान का रोल निभाया, जो एक कपल को उनके अतीत की गलतियों का कड़ा सबक सिखाता है। उनकी ठंडी और सधी हुई आवाज, गहरी नज़रें, और सख्त स्वभाव ने किरदार को बेहद प्रभावशाली बना दिया।

 

5. ‘आक्रोश’ के अजातशत्रु सिंह

2010 में आई आक्रोश में परेश रावल ने भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजातशत्रु सिंह का किरदार निभाया। इस भूमिका में उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार और सत्ता के दुरुपयोग का ऐसा चित्रण किया, जो दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ गया। अजय देवगन और अक्षय खन्ना के साथ काम करते हुए उनका अभिनय इतना प्रभावशाली था कि वे आसानी से फिल्म के सबसे खतरनाक विलेन बन गए।

 

परेश रावल के विलेन किरदारों में एक अनोखा संयोजन होता है—जहां उनकी कॉमेडी ने उन्हें लोकप्रिय बनाया, वहीं उनके निगेटिव रोल्स ने उन्हें सशक्त और डरावना अभिनेता साबित किया। उनकी फिल्मों में ये किरदार सिर्फ खलनायक नहीं, बल्कि कहानी को आगे बढ़ाने वाली ताकत होते हैं। इन भूमिकाओं ने यह दिखाया कि परेश रावल बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, जो अपनी मौजूदगी से पर्दे पर सस्पेंस, डर और रोमांच का माहौल बना देते हैं। यही कारण है कि वे हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार और सम्मानित विलेन अभिनेता माने जाते हैं।

 

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