खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ते आतंकी हमले, पाकिस्तान की सुरक्षा पर मंडराया बड़ा खतरा
इस्लामाबाद | पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और सरकार के लिए यह एक बड़ा सुरक्षा संकट बन चुका है। पाकिस्तान सरकार और सेना ने अफगान तालिबान और भारतीय एजेंसियों को इस बढ़ते आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया है। एक बार फिर, पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान सीमा से घुसपैठ की कोशिश कर रहे 16 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है।
अफगान सीमा पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के मुताबिक, उत्तरी वजीरिस्तान के गुलाम खान काली इलाके में आतंकियों ने सीमा पार करने की कोशिश की थी। पाकिस्तानी सेना ने इस प्रयास को तुरंत विफल कर दिया और जवाबी कार्रवाई में 16 आतंकवादी ढेर कर दिए।
घुसपैठ की इस घटना के बाद, पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की अंतरिम तालिबान सरकार से सीमा प्रबंधन को मजबूत करने और पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को रोकने की अपील की है। लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद, तालिबान सरकार इस मसले पर कोई ठोस कदम उठाने में विफल रही है।
तालिबान को पाक सेना की कड़ी चेतावनी
ISPR ने बयान जारी कर तालिबान सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पाक सेना ने कहा कि अफगान सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और पाकिस्तान में घुसपैठ रोकने के लिए मजबूत कदम उठाने होंगे।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने तालिबान से अपील की है। इससे पहले भी कई बार पाकिस्तान ने तालिबान नेतृत्व से आतंकियों को रोकने की मांग की, लेकिन इसका कोई ठोस असर नहीं दिखा।
खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी हमले की कोशिश नाकाम
इससे पहले, पाकिस्तान पुलिस ने खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवात इलाके में पेजो पुलिस स्टेशन पर हुए आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने अचानक हमला बोल दिया।
पुलिस बल ने आतंकियों को करारा जवाब दिया, जिसके चलते हमलावर भागने पर मजबूर हो गए। इस मुठभेड़ में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन यह हमला एक बार फिर पाकिस्तान के भीतर बढ़ते आतंकवादी खतरों को उजागर करता है।
खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ते हालात—क्या तालिबान आतंकियों पर लगाम कसने में नाकाम?
खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले एक हफ्ते में यहां तीन बड़े हमले हो चुके हैं। हाल ही में, 20 से 25 आतंकवादियों ने लखानी सीमा चौकी पर हमला किया था। ये आतंकी रॉकेट लॉन्चर और आधुनिक हथियारों से लैस थे।
हालांकि, थर्मल इमेजिंग कैमरों की मदद से पाकिस्तानी बलों ने समय रहते आतंकियों की लोकेशन ट्रेस कर ली और हमले को नाकाम कर दिया।
क्या पाकिस्तान के लिए बढ़ रही है दोहरी चुनौती?
पाकिस्तान एक तरफ अफगान सीमा से घुसपैठ से परेशान है, तो दूसरी तरफ देश के अंदर भी आतंकवादी हमले बढ़ रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
बड़ा सवाल यह है कि तालिबान सरकार आखिर आतंकवादियों पर लगाम क्यों नहीं लगा पा रही? क्या यह महज पाकिस्तान और तालिबान के बीच बढ़ते अविश्वास का नतीजा है या फिर तालिबान के अंदरूनी हालात इसकी वजह हैं?
फिलहाल, पाकिस्तान ने तालिबान को कड़ी चेतावनी दी है, लेकिन अगर घुसपैठ और आतंकी हमले इसी तरह जारी रहे, तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में और ज्यादा तनाव देखने को मिल सकता है।
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