पाकिस्तान के क्वैटा शहर में बम धमाका, 9 मजदूरों की मौत, 6 घायल
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वैटा शहर के हरनाई इलाके में शुक्रवार सुबह एक भयावह बम विस्फोट हुआ, जिसमें 9 मजदूरों की मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका उस समय हुआ जब ये मजदूर एक बस में सवार होकर कोयला खदानों की ओर जा रहे थे। बम विस्फोट सड़क के किनारे खड़े आईईडी बम के कारण हुआ, जो सुबह के समय मजदूरों की बस के पास फटा। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने इलाके को घेर लिया है।
पाकिस्तान में यह धमाका 100 दिनों के भीतर दूसरा बड़ा बम धमाका है। इससे पहले 9 नवंबर 2024 को क्वैटा के रेलवे स्टेशन के पास हुए फिदायीन हमले में लगभग 20 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी हमलों और बम विस्फोटों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो रही है।
साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के मुताबिक, पाकिस्तान में इस साल अब तक 30 से ज्यादा लोग आतंकी हमलों में मारे जा चुके हैं। वर्ष 2024 में पाकिस्तान में फिदायीन हमलों के चलते 524 नागरिकों की जान गई है। पिछले पांच वर्षों में पाकिस्तान में आतंकवाद और बम धमाकों के कारण 1600 से ज्यादा आम नागरिकों की जान जा चुकी है। 2020 में इन हमलों में 169 नागरिकों की मौत हुई थी, जबकि 2021 में यह संख्या बढ़कर 215 और 2022 में 229 तक पहुंच गई थी।
इन बम धमाकों में आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल लगातार हो रहा है, जो पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों के बढ़ने की ओर इशारा करता है। पाकिस्तान में आईईडी के उपयोग पर सवाल उठते रहे हैं, क्योंकि इन बमों की आपूर्ति और उपयोग पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं है, जिससे आतंकी हमले बढ़ रहे हैं।
अब तक इस धमाके की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन बलूचिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूहों का हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस हमले की जांच कर रही हैं और घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है।
बलूचिस्तान प्रांत, जो पाकिस्तान का एक संवेदनशील क्षेत्र है, पिछले कुछ वर्षों से आतंकवाद और हिंसा का केंद्र बना हुआ है। यहां के स्थानीय आतंकवादी संगठन पाकिस्तानी राज्य से स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं और ऐसे हमलों के माध्यम से अपने एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं।
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