‘हमारे पास भारत का कोई पायलट नहीं है’ — पाकिस्तान ने सोशल मीडिया दावों को बताया प्रोपेगेंडा, भारत ने भी दी पुष्टि
भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के समझौते के बाद भले ही सीमा पर गोलीबारी थमी हो, लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हाल ही में सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर यह दावा फैलाया गया कि पाकिस्तान ने भारत के एक पायलट को पकड़ लिया है और वह उसकी हिरासत में है। इन अफवाहों ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच चिंता और भ्रम पैदा कर दिया।
हालांकि, भारत की ओर से स्थिति को स्पष्ट करते हुए एयर मार्शल ए.के. भारती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत के सभी पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी के भी लापता होने की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहें देशवासियों को गुमराह करने का प्रयास हैं और इससे केवल तनाव और संदेह का माहौल बनता है।
अब पाकिस्तान की सेना ने भी इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीती रात पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डायरेक्टर जनरल, मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही इन खबरों को पूरी तरह निराधार और झूठा करार दिया। जब पत्रकारों ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या भारत का कोई पायलट पाकिस्तान की हिरासत में है और क्या उसे भारत को सौंपा जाएगा, तो जनरल चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारे पास भारत का कोई पायलट नहीं है। यह सब सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा प्रोपेगेंडा है जिसका कोई आधार नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में अफवाहें फैलाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना हरकत है और इससे शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंच सकता है। पाकिस्तान के इस बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें केवल अफवाह हैं और उनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत और सीजफायर की पहल को देखते हुए यह जरूरी है कि आम लोग किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि करें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के झूठे दावे न सिर्फ तनाव को बढ़ाते हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच बनी हुई कूटनीतिक समझ को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
फिलहाल, भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है, और 12 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच प्रस्तावित बातचीत से उम्मीद की जा रही है कि सीमा पर स्थायी शांति की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया जाएगा।
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