April 25, 2026

क्या ‘कराची बेकरी’ पाकिस्तान से जुड़ी है? प्रमोटरों ने किया बड़ा खुलासा, जानें क्या कहा

भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते रिश्तों के बीच, एक नाम है जो इन दिनों सुर्खियों में है – ‘कराची बेकरी’। इस बेकरी के नाम से जुड़ी कई भ्रांतियों के बीच अब इसके प्रमोटरों ने इस मुद्दे पर साफ-साफ बयान दिया है। क्या सच में यह बेकरी पाकिस्तान से जुड़ी हुई है या यह पूरी तरह भारतीय है? आइये जानते हैं।

क्या है ‘कराची बेकरी’ का असली इतिहास?

‘कराची बेकरी’ का नाम सुनते ही बहुत से लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि क्या यह पाकिस्तान से जुड़ी हुई है? हालांकि, बेकरी के मालिकों ने स्पष्ट किया है कि यह बेकरी पूरी तरह से भारतीय है। उनका कहना है कि इसका नाम ‘कराची बेकरी’ रखने का कारण कोई पाकिस्तानी जुड़ाव नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक ऐतिहासिक कहानी छिपी हुई है। 1953 में भारत के हैदराबाद में स्थापित इस बेकरी का नाम उसके संस्थापक ने भारत-पाक विभाजन के बाद रखा था। बेकरी के प्रमोटर राजेश रामनानी और हरीश रामनानी ने कहा कि उनके दादा, खानचंद रामनानी ने विभाजन के समय पाकिस्तान से भारत आने के बाद इस नाम को अपनाया था।

क्या बेकरी का नाम बदलने की मांग सही है?

वर्तमान समय में भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच, कुछ लोगों ने कराची बेकरी का नाम बदलने की मांग उठाई है। इस मुद्दे को लेकर विशाखापत्तनम में एक दक्षिणपंथी संगठन के नेता ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें बेकरी का नाम बदलने की बात कही गई थी। इसके बाद एक शाखा के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इस संदर्भ में बेकरी के प्रमोटरों ने कहा कि लोग बेकरी के नाम को लेकर भ्रमित हैं, क्योंकि यह पाकिस्तान के एक शहर ‘कराची’ से जुड़ा है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह एक भारतीय ब्रांड है और इसका नाम भारतीय हैदराबाद से जुड़ा हुआ है।

प्रमोटरों का स्पष्ट बयान:

कराची बेकरी के प्रमोटरों ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर इस ब्रांड की भारतीयता को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “हमारी पहचान हमारे इतिहास से जुड़ी हुई है, हमारी राष्ट्रीयता से नहीं। हमें गर्व है कि हम भारतीय हैं। हम भारतीय ब्रांड हैं, और हम भारत की सेवा प्रेम से करते हैं।” प्रमोटरों ने कहा कि बेकरी का नाम न केवल उनके दादा के इतिहास से जुड़ा है, बल्कि यह भारत के प्रति उनके योगदान और समर्पण का प्रतीक है।

प्रशासन से समर्थन की अपील:

राजेश रामनानी और हरीश रामनानी ने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर बेकरी का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि इस तरह की विवादों से कंपनी के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनता है, और प्रशासन से सहयोग की आवश्यकता है ताकि कोई गलतफहमी न फैले।

‘कराची बेकरी’ के प्रमोटरों ने यह स्पष्ट किया कि यह भारतीय ब्रांड है और पाकिस्तान से इसका कोई संबंध नहीं है। विभाजन के बाद भारत आए उनके दादा ने यह नाम इस बेकरी को दिया था, जो आज एक सम्मानित भारतीय ब्रांड बन चुका है। इस बात का संदेश साफ है कि इतिहास और नाम को लेकर अफवाहों और भ्रांतियों से दूर रहकर सही तथ्यों को जानने की जरूरत है।

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