April 30, 2026

कमर दर्द है या किडनी पथरी? डॉक्टर से जानें सही पहचान और लक्षण

कमर दर्द आजकल युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक एक आम समस्या बन चुका है। रोजमर्रा की जीवनशैली में अधिक बैठना, गलत पॉश्चर, तनाव और मांसपेशियों की थकान के कारण कमर दर्द होना सामान्य बात है। इसे आम भाषा में बैक पेन कहा जाता है। हालांकि, हर कमर दर्द की वजह मांसपेशियों या रीढ़ की हड्डी की समस्या नहीं होती। कई बार इसी दर्द का कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन भी हो सकती है, जिसकी पहचान और इलाज दोनों अलग होते हैं। अगर सही समय पर इस अंतर को न पहचाना जाए तो किडनी स्टोन का दर्द बहुत तेज और असहनीय हो सकता है, साथ ही किडनी को भी नुकसान पहुंच सकता है।

कमर दर्द (Back Pain) के लक्षण और कारण

सफदरजंग अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर हिमांशु वर्मा बताते हैं कि कमर दर्द आमतौर पर मांसपेशियों पर अधिक तनाव आने, लंबे समय तक गलत तरीके से बैठने या झुकने की वजह से होता है। यह दर्द धीरे-धीरे शुरू होता है और समय के साथ बढ़ता जाता है। अक्सर यह दर्द कमर के मध्य या निचले हिस्से में महसूस होता है।

कमर दर्द में शरीर की हरकतों का दर्द पर असर पड़ता है। जैसे चलने-फिरने, उठने-बैठने या झुकने पर दर्द बढ़ या घट सकता है। कई बार इसके साथ मांसपेशियों में जकड़न और थकान की भी शिकायत होती है। यह दर्द आमतौर पर आराम, स्ट्रेचिंग और पेनकिलर लेने से कम हो जाता है।

किडनी पथरी (Kidney Stone) का दर्द कैसे होता है?

डॉ. वर्मा के अनुसार, किडनी में पथरी बनने पर और जब वह मूत्र नली में फंस जाती है, तो बहुत तेज और अचानक दर्द शुरू हो सकता है। इसे ‘रेडिएटिंग पेन’ कहा जाता है, क्योंकि यह दर्द कमर के एक तरफ से शुरू होकर पेट के निचले हिस्से, जांघ और जननांग क्षेत्र तक फैल सकता है।

किडनी स्टोन का दर्द लगातार बना रहता है और आमतौर पर सामान्य पेनकिलर से राहत नहीं मिलता। इसके साथ-साथ उल्टी, पेशाब में जलन, खून आना, पेशाब की बदबू आना या बार-बार पेशाब आना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह दर्द कभी-कभी इतना तीव्र होता है कि मरीज चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है।

कैसे पहचानें कि कमर दर्द है या किडनी स्टोन?

कमर दर्द और किडनी स्टोन दोनों में दर्द की जगह और प्रकृति अलग होती है। कमर दर्द मसल्स या रीढ़ की हड्डी से जुड़ा होता है और आराम या मूवमेंट से दर्द में बदलाव आता है। वहीं, किडनी स्टोन का दर्द अचानक आता है, तीव्र होता है, और मूवमेंट से कम नहीं होता।

अगर पेशाब में जलन, खून, बदबू या बार-बार पेशाब आना जैसी समस्याएं हों तो यह किडनी स्टोन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।

सही जांच और उपचार

कमर दर्द या किडनी स्टोन का सही इलाज तभी संभव है जब सही कारण की पहचान हो। इसके लिए अल्ट्रासाउंड, यूरिन टेस्ट और खून के परीक्षण कराए जाते हैं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दर्द निवारक, फिजियोथेरेपी या किडनी स्टोन के लिए विशेष उपचार शुरू किया जाता है।

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