ऑपरेशन सिंदूर की गूंज में लहराया तिरंगा: भारत शौर्य तिरंगा यात्रा से शुरू हुआ जश्न
जब राष्ट्र की सुरक्षा पर आंच आती है, तब भारत केवल निंदा नहीं करता—वो इतिहास लिखता है। और यही इतिहास रचा गया 22 अप्रैल 2025 को, जब भारत की तीनों सेनाओं ने मिलकर “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों के अड्डों को तबाह कर भारत ने आतंकवाद को उसकी ज़मीन पर ही जवाब दिया। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, यह उस नए भारत की घोषणा थी जो अब चुप नहीं रहता।
अब इस अभूतपूर्व सफलता को आम जनमानस तक पहुंचाने और सैनिकों के पराक्रम को सम्मान देने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में “भारत शौर्य तिरंगा यात्रा” का आयोजन शुरू किया है। 14 मई से शुरू हुई यह यात्रा एक नई ऊर्जा, एक नए जोश और राष्ट्रीय गौरव के साथ लखनऊ से रवाना हुई।
यात्रा की भव्य शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग से की। उनके साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस यात्रा का पहला पड़ाव लखनऊ का 1090 चौराहा रहा, जहां से इसे पूरे प्रदेश में विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया।
मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर कहा, “जो भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ करेगा, उसकी मिट्टी भी पहचानने लायक नहीं बचेगी। पाकिस्तान आज खुद अपने ही बोए आतंक के बीज से नष्ट हो रहा है।” उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक आतंकियों को ठिकाने लगाया गया और उनके शिविरों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
तिरंगा यात्रा के माध्यम से भाजपा ने पूरे प्रदेश में जन-जागरण अभियान की रूपरेखा तैयार की है। यह यात्रा 15 मई को महानगरों, 16-17 मई को जिलों, और 18 से 23 मई के बीच विधानसभा स्तर तक पहुंचेगी। पार्टी का लक्ष्य है कि यह यात्रा हर ब्लॉक, हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचे ताकि ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की रणनीति, शौर्य और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पण को समझा जा सके।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, “भारत की तीनों सेनाओं ने एयर स्ट्राइक, सर्जिकल स्ट्राइक और अब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद को धूल चटाई है। यह यात्रा केवल जश्न नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का माध्यम है।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने स्पष्ट किया कि अब आतंकवादी घटनाओं की सिर्फ निंदा नहीं होगी, अब हर हमले का जवाब कार्रवाई से मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा 140 करोड़ भारतीयों के आत्मगौरव का प्रतीक है।
इस अभियान में पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता, स्कूली छात्र, और रक्षा संस्थानों के प्रशिक्षु भी भाग ले रहे हैं। सेंचुरिएन डिफेंस अकादमी के छात्रों द्वारा लहराया गया 2000 फीट लंबा तिरंगा इस आयोजन का केंद्रबिंदु रहा, जिसने पूरे लखनऊ का ध्यान अपनी ओर खींचा।
कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, संजय सेठ, विधायक पंकज सिंह, नीरज बोरा, योगेश शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे और गरिमा प्रदान की।
भारत शौर्य तिरंगा यात्रा आज एक साधारण यात्रा नहीं, बल्कि भारत के बदलते संकल्प का प्रतीक बन चुकी है। यह उस राष्ट्र की आवाज़ है जो कहता है—अब भारत चुप नहीं रहेगा। ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ आतंक के खिलाफ एक मोर्चा नहीं खोला, बल्कि ये तय कर दिया कि अब हर चोट का जवाब तिरंगे की छांव में दिया जाएगा।
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