ऑनलाइन स्कैम से 4245 करोड़ रुपये की हानि, 2023-24 में धोखाधड़ी के मामले में भारी वृद्धि
ऑनलाइन स्कैम की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, और इसके चलते लोग अपनी मेहनत की कमाई खो रहे हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए ताजे आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 के पहले 10 महीनों में डिजिटल फाइनेंशियल फ्रॉड के कारण देशवासियों ने कुल 4245 करोड़ रुपये गंवा दिए हैं। यह पिछले साल की तुलना में एक बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है, जहां 2022-23 में स्कैमर्स ने 2537 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।
67% बढ़ा स्कैम का नुकसान
वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पिछले साल 67% की वृद्धि हुई है। 2023-2024 में ऑनलाइन फ्रॉड के 28 लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे, जिसमें स्कैमर्स ने 4403 करोड़ रुपये की राशि उड़ा दी। इस वृद्धि से साफ है कि डिजिटल धोखाधड़ी अब एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसे रोकने के लिए सरकार और वित्तीय संस्थान नए उपायों पर काम कर रहे हैं।
सरकार की पहल और बचाए गए 4386 करोड़
वित्त मंत्रालय ने बताया कि डिजिटल धोखाधड़ी की त्वरित रिपोर्टिंग के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया गया है। इसके तहत 1.3 मिलियन से ज्यादा शिकायतों पर काम करते हुए, सरकार और संबंधित संस्थानों ने 4386 करोड़ रुपये की रकम को बचा लिया है। इस प्रणाली के तहत अब बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को धोखाधड़ी की घटनाओं की रिपोर्ट करने में मदद मिलती है, जिससे स्कैमर्स के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सकती है।
ऑनलाइन स्कैम से कैसे बचें?
ऑनलाइन स्कैम से बचने के लिए, विशेषज्ञों का कहना है कि आपको कुछ सावधानियों का पालन करना चाहिए जैसे कि संदिग्ध ईमेल और संदेशों पर क्लिक करने से बचें, और किसी भी वेबसाइट को खोलने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। इसके अलावा, अपने अकाउंट के लिए मजबूत और अनम्य पासवर्ड का इस्तेमाल करें ताकि आपकी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहे।
ऑनलाइन स्कैम की शिकायत के लिए हेल्पलाइन
अगर आपको या आपके किसी परिचित को ऑनलाइन स्कैम का शिकार होना पड़ता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर पर कॉल करके आप अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और इसके बाद संबंधित एजेंसियां आपकी मदद के लिए कदम उठाएंगी।
ऑनलाइन स्कैम की बढ़ती घटनाएं यह दर्शाती हैं कि डिजिटल लेन-देन में सुरक्षा की आवश्यकता अब पहले से कहीं ज्यादा महसूस हो रही है। इसलिए, नागरिकों को इस बारे में सतर्क रहना और सरकार द्वारा जारी की गई सिफारिशों का पालन करना चाहिए।
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