April 18, 2026

रूसी तेल पर 30 दिन की मोहलत: अमेरिका के फैसले पर कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, संप्रभुता पर उठाए सवाल

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ईरान-इजराइल के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिका ने भारत को रूस से 30 दिनों तक तेल खरीदने की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह फैसला भारत की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि इस मुद्दे पर देश की राजनीति भी गरमा गई है और कांग्रेस ने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी दूसरे देश द्वारा भारत को अनुमति देने की बात अपने आप में चिंताजनक है।

 

कांग्रेस प्रवक्ता Supriya Shrinate ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर पोस्ट करते हुए इस फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री ने मीडिया को बताया कि भारत को 30 दिन तक रूस से तेल खरीदने की इजाजत दी गई है। उनके मुताबिक यह भारत की आजादी और संप्रभुता पर “करारा तमाचा” है। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका कौन होता है भारत को अनुमति देने वाला।

 

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार को घेरते हुए कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पहले से चेतावनी दी जाती रही है। पार्टी नेता Rahul Gandhi भी कई बार अंतरराष्ट्रीय हालात और ऊर्जा निर्भरता को लेकर सरकार को सचेत कर चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की विदेश और ऊर्जा नीति के कारण अब भारत को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान-इजराइल संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। रूस से तेल खरीदना भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम रहा है, क्योंकि इससे देश को अपेक्षाकृत सस्ता कच्चा तेल मिलता रहा है। ऐसे में अमेरिका की ओर से दी गई 30 दिन की छूट को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

 

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विपक्ष लगातार इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और ज्यादा गर्माने की संभावना जताई जा रही है।

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