नोएडा में छापेमारी: दंपती पर एडल्ट वीडियो के कारोबार का आरोप, 15.66 करोड़ की अवैध फंडिंग का खुलासा
नोएडा में एक पति-पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को छापेमारी की, जिससे यह मामला एक एडल्ट वीडियो स्कैंडल के रूप में सामने आया है। दंपती पर आरोप है कि वे अपने आवास पर वेबकैम के जरिए अश्लील वीडियो शूट करते थे और फिर इन्हें साइप्रस स्थित एक विदेशी कंपनी को बेचते थे, जो अंतरराष्ट्रीय अश्लील कंटेंट साइट्स जैसे एक्सहैम्सटर और स्ट्रिपचैट का संचालन करती है। इस छापेमारी में ईडी ने आठ लाख रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
क्यों खास है यह मामला? विदेशी फंडिंग और मॉडल्स की परेशानियां
जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इस छापेमारी के दौरान विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की गई जांच के तहत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और मॉडल्स के बयान दर्ज किए गए हैं। यह मामला ईडी के लिए और भी जटिल हो गया, जब खुलासा हुआ कि दंपती ने विदेशी कंपनियों से बैंक के माध्यम से पैसा मंगवाया और इसे विज्ञापन और मार्केट रिसर्च के नाम पर भुगतान दिखाया। अब तक की जांच में 15.66 करोड़ रुपये की अवैध विदेशी फंडिंग का खुलासा हुआ है, जो पूरी तरह से कानूनी तरीके से नहीं लाई गई थी।
साइप्रस की कंपनी से संबंध: विदेशी कनेक्शन से बढ़ता हुआ विवाद
ईडी ने बताया कि इस दंपती ने अपने घर में एक वेबकैम स्टूडियो चलाया था, जहां पर मॉडल्स से अश्लील वीडियो शूट किए जाते थे। यह वीडियो विदेशी वेबसाइटों के लिए बनाए जाते थे, जो साइप्रस स्थित टेक्नियस लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए चलाए जाते थे। यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी एडल्ट साइट्स में से कुछ का संचालन करती है। वहीं, ये दंपती इस कंपनी के लिए काम कर रहे थे और अश्लील कंटेंट का कारोबार कर रहे थे, जिससे उन्हें विदेशों से भारी रकम मिल रही थी।
नकली भुगतान और अवैध फंडिंग: 15.66 करोड़ रुपये का खुलासा
ईडी की जांच से यह भी सामने आया है कि दंपती ने विदेशी कंपनियों से भारी रकम मंगवाकर उसे अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और अन्य गतिविधियों में खर्च किया। इन कंपनियों से मंगवाए गए पैसे को विज्ञापन और मार्केट रिसर्च के नाम पर बैंक में दिखाया गया। हालांकि, अब तक की जांच में यह सामने आया है कि दंपती ने 15.66 करोड़ रुपये की अवैध फॉरेन फंडिंग का इस्तेमाल किया, जिसका 75% हिस्सा खुद रखा और 25% हिस्से को मॉडल्स को दिया।
क्या यह सिर्फ शुरुआत है? दंपती पर हो सकती हैं बड़ी कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि इस मामले में अब और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। छापेमारी के दौरान मॉडल्स के बयान दर्ज किए गए हैं और बैंक ट्रांजेक्शन्स व अन्य वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में और भी कई सुराग सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। क्या यह सिर्फ एक छोटे से नेटवर्क का हिस्सा है, या फिर इस घिनौने कारोबार के पीछे कहीं और भी बड़े लोग जुड़े हुए हैं? समय ही बताएगा।
अगला कदम: क्या ईडी और बढ़ाएगी गिरफ्तारी?
ईडी अब इस मामले को पूरी तरह से सुलझाने के लिए त्वरित कार्रवाई कर रही है और इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल और लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। क्या यह सिर्फ एक शुरुआत है, या फिर इस मामले में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे? आगामी दिनों में ईडी की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
समाप्ति: एक विवादास्पद मामले में गहरे सुराग, क्या ईडी के हाथ और बड़े नाम लगेंगे?
नोएडा में हुए इस छापेमारी मामले ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि भारतीय जांच एजेंसियां अवैध गतिविधियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर रही हैं। हालांकि, इस मामले में सच्चाई के खुलासे के साथ आने वाली गिरफ्तारी और सवाल यह उठते हैं कि क्या इस बड़े नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं और इस कारोबार का दायरा कितना बड़ा है?
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