भारत में पाकिस्तान से जासूसी रैकेट का भंडाफोड़: एनआईए ने 3 संदिग्धों को किया गिरफ्तार, 5 के खिलाफ चार्जशीट
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज एक बड़ी जासूसी साजिश का पर्दाफाश करते हुए पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंसियों को भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों के बारे में संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर यह आरोप है कि वे भारतीय नौसेना के महत्वपूर्ण बेसों से जुड़ी जानकारियां पड़ोसी देश पाकिस्तान से साझा कर रहे थे और इसके बदले उन्हें पाकिस्तान के खुफिया operatives से पैसे मिल रहे थे।
भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से समझौता
एनआईए ने अपनी जांच में यह पुष्टि की है कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों का संबंध भारतीय नौसेना के दो महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों से था: कारवार नौसेना बेस (Karwar Naval Base) और कोच्चि नौसेना बेस (Kochi Naval Base)। यह बेस भारतीय समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं, और इनसे जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वेतन लक्ष्मण टंडेल और अक्षय रवि नाइक शामिल हैं, जो कर्नाटका के उत्तर कन्नड़ जिले से पकड़े गए। वहीं, अभिलाष पी ए को मंगलवार को केरल के कोच्चि शहर से गिरफ्तार किया गया। यह तीनों आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के खुफिया एजेंट्स से संपर्क में थे और इनसे लगातार संपर्क बनाए रखते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों की जानकारी लीक कर रहे थे।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से सांठगांठ का खुलासा
एनआईए की जांच से पता चला है कि इन आरोपियों ने पाकिस्तान स्थित खुफिया एजेंसियों (Pakistan Intelligence Operatives – PIOs) को भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों की संवेदनशील जानकारी भेजी थी। बदले में इन आरोपियों को पाकिस्तान के खुफिया ऑपरेटिव्स से भारी मात्रा में पैसे मिले थे। एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अपने कृत्यों के माध्यम से भारत की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला।
इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से एक आरोपी, आकाश सोलंकी, को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
चार्जशीट में पाकिस्तान के फरार एजेंट्स का नाम
एनआईए ने इस जासूसी मामले में अब तक 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें 2 फरार पाकिस्तानी एजेंट भी शामिल हैं। एनआईए ने मीर बलज खान और आकाश सोलंकी को इस मामले में मुख्य आरोपी बताया है। मीर बलज खान पाकिस्तान का नागरिक है और वह भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है।
एनआईए ने विशेष रूप से एक फरार पीआईओ, अल्वेन और दो अन्य संदिग्धों – मनमोहन सुरेंद्र पांडा और अमन सलीम शेख के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की है। एनआईए ने अपनी जांच जारी रखने की बात करते हुए यह भी पुष्टि की है कि यह मामला भारतीय नौसेना के खिलाफ साजिश की ओर इशारा करता है।
अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह केस विशेष रूप से गंभीर है क्योंकि इसमें पाकिस्तान के खुफिया एजेंट्स और भारत विरोधी तत्वों द्वारा किए गए जासूसी रैकेट की परतें सामने आई हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में कई अन्य संदिग्धों के साथ-साथ पाकिस्तान में स्थित अन्य एजेंट्स के बारे में भी जानकारी जुटाई है। एनआईए ने कहा है कि वह जल्द ही और गिरफ्तारियों का ऐलान कर सकती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी लीक होने की इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एनआईए ने भी यह स्पष्ट किया है कि वह देश विरोधी गतिविधियों और जासूसी रैकेट की साजिश को उजागर करने के लिए अपनी जांच जारी रखेगी।
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