April 20, 2026

न्यूजीलैंड पीएम लक्सन ने अक्षरधाम मंदिर दौरे से भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों को नई दिशा दी

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मंगलवार को दिल्ली में स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया, जहां उनका स्वागत पारंपरिक रूप से किया गया। उनके साथ 110 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल भी था, जिसमें न्यूजीलैंड के उच्च-स्तरीय सरकारी अधिकारी, मंत्री और व्यवसायिक नेता शामिल थे। पीएम लक्सन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि न्यूजीलैंड में हिंदू समुदाय ने अपने देश के लिए अपार योगदान दिया है और इस यात्रा में उन्होंने बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में जाकर उस योगदान को सम्मानित किया।

लक्सन रविवार को अपनी पांच दिवसीय भारत यात्रा के तहत नई दिल्ली पहुंचे थे और यहां वे रायसीना डायलॉग के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने सोमवार को इस कार्यक्रम के दौरान भारतीयों और न्यूजीलैंडवासियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री लक्सन का अक्षरधाम मंदिर में श्रद्धा भाव में डूबे दौरे का अहसास

प्रधानमंत्री लक्सन के अक्षरधाम मंदिर के दौरे का प्रमुख आकर्षण मंदिर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भव्यता थी। प्रतिनिधिमंडल के साथ मंदिर में प्रवेश करने के बाद उन्हें पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस विशेष अवसर पर, प्रधानमंत्री ने अक्षरधाम मंदिर में पुष्पांजलि अर्पित की, जो एकता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।

इसके बाद, उन्होंने मंदिर में अभिषेक समारोह में भाग लिया, जो एक प्राचीन हिंदू जल-अर्पण अनुष्ठान है, जिसका उद्देश्य शांति, सद्भाव और कल्याण की कामना करना होता है। पीएम लक्सन का यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच आपसी समझ को भी बढ़ावा देने का प्रतीक बन गया।

भारत-न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय

प्रधानमंत्री लक्सन के साथ इस यात्रा में न्यूजीलैंड के मंत्री टॉड मैक्ले, मंत्री मार्क मिशेल और मंत्री लुईस अपस्टन भी थे। इसके अलावा, संसद सदस्य एंडी फोस्टर, कार्लोस चेउंग, डॉ. परमजीत परमार और प्रियंका राधाकृष्णन भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। व्यापार प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड की प्रमुख फर्मों के शीर्ष अधिकारी शामिल थे, जो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

माओरी भाषा में ‘सत्संग दीक्षा’ का अनावरण

इस खास अवसर पर, प्रधानमंत्री लक्सन को एक विशेष उपहार भेंट किया गया – वह था ‘सत्संग दीक्षा’ का माओरी भाषा में अनुवाद। यह ग्रंथ स्वामीनारायण परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे परम पावन महंत स्वामी महाराज ने लिखा है। इस ग्रंथ में व्यक्तियों को आंतरिक शांति, सेवा और आध्यात्मिक अनुशासन की दिशा में मार्गदर्शन मिलता है। माओरी में इसका अनुवाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

महंत स्वामी महाराज का प्रधानमंत्री लक्सन को पत्र

महंत स्वामी महाराज ने प्रधानमंत्री लक्सन को एक व्यक्तिगत पत्र भी भेजा, जिसमें उन्होंने उनके भारत दौरे की सराहना की और अक्षरधाम में उनके योगदान को अत्यंत सम्मानजनक बताया। स्वामी महाराज ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों के महत्व को स्वीकार करते हुए पीएम लक्सन का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के योगदान को भी सराहा और उनके शांतिपूर्ण समाज निर्माण के प्रयासों को स्वीकार किया।

भारत और न्यूजीलैंड के भविष्य की साझेदारी

पीएम लक्सन ने अक्षरधाम यात्रा के बारे में कहा, “यह यात्रा मेरे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अक्षरधाम मंदिर में आना और यहां की भव्यता देखना एक प्रेरणा देने वाला अनुभव था। न्यूजीलैंड में बीएपीएस समुदाय के योगदान को भी मैं सराहता हूं, खासकर ऑकलैंड और वेलिंगटन में मंदिरों के उद्घाटन को लेकर।”

उन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय का योगदान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। “न्यूजीलैंड में हिंदू समुदाय ने अपनी आस्था, संस्कृति और सेवा के माध्यम से देश को बेहतर और समृद्ध बनाने में अपना योगदान दिया है।” उन्होंने विशेष रूप से बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के सामाजिक कार्यों और सेवा अभियानों का उल्लेख किया, जो न्यूजीलैंड में विभिन्न समुदायों के लिए लाभकारी हैं।

“कीवी-भारतीय” रिश्तों में सशक्त साझेदारी

लक्सन ने भारतीय समुदाय की न्यूजीलैंड में बढ़ती उपस्थिति को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “न्यूजीलैंड के सबसे बड़े शहर ऑकलैंड में 11 प्रतिशत भारतीय मूल के लोग रहते हैं। यह ‘कीवी-भारतीय’ साझेदारी का एक स्पष्ट उदाहरण है, जो पिछले 200 सालों से हमारे बहुसांस्कृतिक समाज का हिस्सा रही है।”

भारत-न्यूजीलैंड संबंधों के भविष्य पर चर्चा

पीएम लक्सन ने अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने भविष्य में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि दोनों देशों के रक्षा बल एक-दूसरे के साथ और अधिक सामरिक सहयोग करेंगे और जलवायु परिवर्तन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसी वैश्विक समस्याओं पर वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देंगे।

न्यूजीलैंड और भारत के बीच इस विशेष यात्रा और साझेदारी के बाद, दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सामरिक रिश्ते और मजबूत होने की संभावना है, जो आने वाले समय में और भी अधिक फलदायी सिद्ध होंगे।

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