April 24, 2026

Neha Singh Rathore: हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका, लोक गायिका को पुलिस के सामने पेश होना होगा

लोक गायिका नेहा सिंह राठौर, जो अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहती हैं, इस बार बड़े झटके का सामना कर रही हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या हुई थी। नेहा ने इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के खिलाफ कई आपत्तिजनक और राष्ट्र-विरोधी टिप्पणियां की थीं।

कोर्ट ने साफ किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हर नागरिक का हक है, लेकिन इसके लिए संविधान ने कुछ सीमाएं भी तय की हैं। नेहा की पोस्टों में प्रथम दृष्टया अपराध की झलक दिखाई दी, और यही वजह है कि प्राथमिकी रद्द नहीं की जा सकती। जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस एस.क्यू.एच. रिजवी की पीठ ने आदेश दिया है कि नेहा 26 सितंबर को सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होंगी और पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेंगी। यह आदेश इस बात की याद दिलाता है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है, और सोशल मीडिया पर की गई राष्ट्र-विरोधी बयानबाजी की कीमत चुकानी पड़ सकती है।

नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में न केवल पीएम मोदी और गृह मंत्री पर तंज कसा, बल्कि कांग्रेस पक्ष को समर्थन देते हुए भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश भी की। उन्होंने अपने ट्वीट्स में लिखा कि पहलगाम हमले के बाद मोदी बिहार आए ताकि पाकिस्तान को धमका सकें। इस बयान के माध्यम से नेहा ने पूरी तरह से संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर गलत और अनर्गल टिप्पणियां की, जो कि देश की सुरक्षा और भावनाओं के लिए गंभीर चुनौती थी।

सरकारी अधिवक्ता वीके सिंह ने कोर्ट में कहा कि नेहा ने अपने बयानों के जरिए पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर प्रशंसा बटोरी, जबकि देश में तनावपूर्ण हालात थे। इसके अलावा, बिहार चुनाव के दौरान भी उनके पोस्ट्स ने विभाजनकारी और भड़काऊ माहौल पैदा किया। यह पूरी तरह से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा का उल्लंघन है। कोर्ट ने सरकारी तर्कों को मानते हुए कहा कि इस मामले में मुकदमे को रद्द करने का कोई आधार नहीं है।

नेहा सिंह राठौर पर April 2025 में लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। उनके वकील ने तर्क दिया कि सोशल मीडिया पर विचार व्यक्त करना उनका मौलिक अधिकार है, लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि नेहा ने प्रधानमंत्री और भाजपा के खिलाफ अपमानजनक और देश विरोधी टिप्पणी की। कोर्ट के फैसले के बाद नेहा को 26 सितंबर को थाने में पेश होना होगा और पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा।

लोक गायिका ने पहले भी विवादित बयान देकर ट्रोलिंग का सामना किया है। उनका यह व्यवहार न केवल उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का कारण बना, बल्कि सोशल मीडिया और जनता में गुस्सा और आलोचना भी जन्मा। पहलगाम हमले पर गलत बयान और सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट्स ने उनकी छवि पर गहरा धब्बा लगाया है। अब नेहा को खुद कानून के सामने पेश होकर अपने बयानों की सफाई देनी होगी, और यह केस उनके करियर और सार्वजनिक छवि के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है।

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