आजकल तनाव और व्यस्त जीवनशैली के कारण कई लोगों को गर्दन और सिर के पीछे दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है। अक्सर इसे सामान्य थकान या नींद की कमी से जोड़कर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कभी-कभी यह हाई ब्लड प्रेशर (BP) का संकेत भी हो सकता है। आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि जब ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक बढ़ता है, तो खून की नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सिर और गर्दन में दर्द महसूस हो सकता है।
यह दर्द अक्सर धीरे-धीरे बढ़ता है और लंबे समय तक बना रह सकता है। कुछ लोगों को सुबह के समय या तनावपूर्ण स्थिति में यह ज्यादा महसूस होता है। हालांकि हर गर्दन और सिर का दर्द हाई बीपी का लक्षण नहीं होता, लेकिन अगर दर्द बार-बार हो रहा है और इसके साथ चक्कर, थकान या तेज धड़कन जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और सही देखभाल से गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है।
हाई बीपी के अन्य लक्षण
गर्दन और सिर के पीछे दर्द के अलावा हाई ब्लड प्रेशर के कारण निम्नलिखित लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं:
- सिर घूमना या चक्कर आना
- तेज धड़कन महसूस होना
- थकान या सुस्ती
- धुंधला दिखाई देना
- लंबे समय तक उच्च BP होने पर याददाश्त पर असर या आंखों में हल्की धुंधलापन
- तेज रोशनी में आंखों में परेशानी
यदि ये लक्षण समय रहते पहचाने जाएं, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है।
हाई बीपी से बचाव के उपाय
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक करें।
- तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान अपनाएं।
- संतुलित और कम नमक वाला आहार खाएं।
- पर्याप्त नींद लें।
- ज्यादा तेल और तैलीय भोजन से बचें।
- नियमित व्यायाम करें।
- शराब और धूम्रपान से बचें।
- यदि दर्द या अन्य लक्षण लगातार बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
गर्दन और सिर के पीछे दर्द को हल्के में न लें। समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर आप हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं।
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