अनंतनाग: नौगाम धमाका केस में CIK की बड़ी कार्रवाई, हरियाणा की महिला डॉक्टर हिरासत में
टेरर फंडिंग और व्हाइट कॉलर मॉड्यूल की जांच में तेज़ी, कई राज्यों में छापेमारी जारी
अनंतनाग में नौगाम धमाका मामले की जांच कर रही CIK (Counter Intelligence Kashmir) टीम ने देर रात एक महत्वपूर्ण छापेमारी की, जिसमें हरियाणा की रहने वाली एक महिला डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई टेरर फंडिंग और व्हाइट कॉलर मॉड्यूल की गहन पड़ताल के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, यह केस अब कई राज्यों तक फैल चुका है और सुरक्षा एजेंसियां इसके हर पहलू को खंगाल रही हैं।
CIK की टीम ने मलकनाग इलाके में अजीज टाक के पुत्र डॉ. खालिद अजीज टाक के आवास पर छापा मारा। तलाशी के दौरान एक महिला मिली, जिसकी पहचान हरियाणा के रोहतक की रहने वाली डॉ. प्रियंका शर्मा के रूप में हुई। वह MBBS पास हैं और इस समय GMC अनंतनाग में जनरल मेडिसिन की छात्रा के रूप में कार्यरत हैं। अक्टूबर 2023 से वह इसी घर में किराए पर रह रही थीं। छापेमारी के दौरान टीम ने एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी जब्त किया है, जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर संख्या 162/2025 के तहत की जा रही है। इस केस में UAPA की कई गंभीर धाराएं—13, 18, 20, 23 और 38—के साथ आर्म्स एक्ट 7/25 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) भी शामिल हैं। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह केस सिर्फ एक धमाके तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे चल रहे बड़े टेरर नेटवर्क और फंडिंग चैनल का पर्दाफाश करना भी मकसद है। तलाशी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और मौके पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी इसी मॉड्यूल में शाहीन नाम की महिला का नाम सामने आया था, जिसके बाद जांच की दिशा और व्यापक हो गई। इस मॉड्यूल को “व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क” के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें डॉक्टर, छात्र और उच्च शिक्षित लोग शामिल होने का शक है। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि ये लोग संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क में कैसे आए और नेटवर्क में किस भूमिका में शामिल थे।
इसके अलावा, दिल्ली ब्लास्ट और कश्मीर के अन्य मामलों के सुराग मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने हरियाणा, पंजाब, यूपी और दिल्ली में भी कई छापेमारियां की हैं। डॉ. उमर और डॉ. शाहीन के संपर्क में रहने वालों की लिस्ट तैयार कर ली गई है। बताया जा रहा है कि यूपी में काम कर रहे कश्मीरी मूल के लगभग 200 डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट भी एजेंसियों की निगरानी में हैं। जानकारी के अनुसार, डॉ. शाहीन करीब 30-40 डॉक्टरों से लगातार संपर्क में थी, जिसके चलते यह पूरा नेटवर्क सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है।
फिलहाल, हिरासत में ली गई डॉ. प्रियंका शर्मा से पूछताछ जारी है और अधिकारियों का कहना है कि आगामी दिनों में इस मॉड्यूल से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां इस केस को कश्मीर में सक्रिय व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल को खत्म करने के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रही हैं।
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