नेशनल हेराल्ड मामले में जांच की आंच लखनऊ तक पहुंची, ईडी ने कैसरबाग स्थित नेहरू मंजिल को किया अटैच
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद से देशभर में राजनीतिक तापमान चढ़ा हुआ है। यह मामला अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी जांच की आंच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक भी पहुंच चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ के कैसरबाग इलाके में स्थित नेशनल हेराल्ड के कार्यालय नेहरू मंजिल को अटैच कर दिया है। यह वही बिल्डिंग है जिसमें वर्षों से नेशनल हेराल्ड का दफ्तर संचालित होता रहा है।
ईडी की दिल्ली यूनिट द्वारा की गई इस कार्रवाई के तहत बिल्डिंग के मुख्य गेट पर नोटिस चस्पा किया गया है। यह नोटिस 9 अप्रैल को लगाया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि इस संपत्ति को अब बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। ईडी के अनुसार, यह संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़े मामलों की जांच के तहत जब्त की गई है। इस बिल्डिंग की कीमत लगभग 64 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इसे नेशनल हेराल्ड केस में एक अहम संपत्ति बनाती है।
लखनऊ स्थित नेहरू मंजिल को अटैच किए जाने के बाद अब पूरा कॉम्प्लेक्स बंद कर दिया गया है और ताले जड़ दिए गए हैं। यह भी बताया जा रहा है कि जिस परिसर में यह बिल्डिंग है, वह पूरी तरह से नेशनल हेराल्ड की ही संपत्ति है। अब वहां किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी गई है। ईडी की यह कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर चल रही उस बड़ी जांच का हिस्सा है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों में नेशनल हेराल्ड से जुड़ी संपत्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड केस में पहले भी दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में ईडी ने पूछताछ और छापेमारी की कार्रवाई की थी। अब लखनऊ में हुई यह जब्ती यह संकेत देती है कि प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की तह तक जाने और इससे जुड़े हर आर्थिक लेन-देन का हिसाब लेने के लिए कमर कस चुका है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़ी और भी कई अहम जानकारियों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
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