पार्थो घोष का निधन: नाना पाटेकर को सुपरस्टार बनाने वाले 90 के दशक के दिग्गज निर्देशक नहीं रहे
मशहूर फिल्म निर्देशक पार्थो घोष का सोमवार सुबह मुंबई के एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हो गया। वे 61 वर्ष के थे और लंबे समय से हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके परिवार में अब केवल पत्नी गौरी घोष बची हैं। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
पार्थो घोष 90 के दशक में थ्रिलर, ड्रामा और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने 1985 में सहायक निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 1991 में आई फिल्म ‘100 डेज’ से मिली। इस फिल्म से नाना पाटेकर को एक्शन और दमदार डायलॉग डिलीवरी वाले अभिनेता के रूप में नई पहचान मिली थी। फिल्म में जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित भी अहम भूमिकाओं में थे, और इसका सस्पेंस भरा प्लॉट दर्शकों को खूब भाया।
इसके बाद घोष ने ‘अग्नि साक्षी’ जैसी हिट फिल्म बनाई जिसमें मनीषा कोइराला और नाना पाटेकर की दमदार एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया। घरेलू हिंसा जैसे गंभीर विषय पर बनी इस फिल्म को काफी सराहना मिली थी। वहीं, ‘गुलाम-ए-मुस्तफा’ में एक बार फिर उन्होंने नाना पाटेकर को एक नए अंदाज में पेश किया, जो दर्शकों को काफी पसंद आया।
पार्थो घोष की फिल्मों की खासियत थी उनका सामाजिक सरोकार। उन्होंने ‘दलाल’ जैसी फिल्में भी बनाई जिसमें मिथुन चक्रवर्ती लीड रोल में थे। भले ही उन्होंने ज्यादा फिल्में न बनाई हों, लेकिन 90 के दशक में उनके द्वारा बनाई गई फिल्में आज भी दर्शकों के ज़ेहन में जिंदा हैं।
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