बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता और ‘ही-मैन’ के नाम से पहचाने जाने वाले धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। 24 नवंबर 2025 की सुबह उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली। पिछले कई दिनों से उनकी तबीयत नाजुक थी और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था। 12 नवंबर को उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल से परिवार की इच्छा पर डिस्चार्ज कर दिया गया था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो पाया।
धर्मेंद्र के निधन की खबर फैलते ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री और देशभर के प्रशंसक शोक में डूब गए। उनके अंतिम संस्कार के लिए विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर परिवार और उद्योग जगत की कई हस्तियां पहुंचीं। इस दौरान हेमा मालिनी, ईशा देओल, सनी देओल और बॉबी देओल नम आंखों से मौजूद रहे। अमिताभ बच्चन भी अपने दोस्त को भावुक विदाई देने पहुंचे। बताया जा रहा है कि पुत्र सनी देओल ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
धर्मेंद्र की तबीयत पिछले एक महीने से लगातार बिगड़ रही थी। सांस की समस्या और कमजोरी के चलते उन्हें 31 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखना पड़ा। उनकी उम्र और लगातार इलाज ने उनके शरीर को कमजोर कर दिया था। दुखद बात यह रही कि अपनी अगली फिल्म ‘इक्कीस’ का मोशन पोस्टर रिलीज होने के कुछ ही घंटों बाद धर्मेंद्र दुनिया छोड़ गए।
धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा का एक ऐसा नाम रहे, जिन्होंने 60 साल से भी ज्यादा समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से डेब्यू करने वाले धर्मेंद्र ने ‘शोले’, ‘सीता और गीता’, ‘फूल और पत्थर’, ‘प्रतिज्ञा’, ‘राजा जानी’, ‘यादों की बारात’, ‘चुपके चुपके’, ‘मेरी आवाज सुनो’ और ‘धरम वीर’ जैसी फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा को यादगार किरदार दिए। उन्होंने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और लंबे समय तक सुपरस्टार के रूप में स्थापित रहे।
8 दिसंबर को धर्मेंद्र अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे, पर उससे सिर्फ 14 दिन पहले उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। पंजाब के लुधियाना में जन्मे धर्मेंद्र ने दो बार शादी की और उनका परिवार भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फैमिली में से माना जाता है।
धर्मेंद्र भले ही अब हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके संवाद, उनकी मुस्कान और उनका अंदाज हमेशा फिल्मों में जीवित रहेगा। उनके जाने के साथ भारतीय सिनेमा का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया है। उनकी विरासत हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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