मुंबई में गैस किल्लत और अंतरराष्ट्रीय युद्ध पर अखिलेश यादव का हमला, बोले—भारत ‘विश्वगुरु’ बनने का मौका चूक गया
इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों को सिलेंडर लेने में परेशानी हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने गैस संकट और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव के समय भारत के पास दुनिया को शांति का संदेश देने और ‘विश्वगुरु’ बनने का बड़ा अवसर था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास हमेशा शांति और संवाद की नीति का समर्थन करता रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार इस मौके का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाई।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि अगर भारत इस युद्ध की खुलकर निंदा करता और दुनिया के सामने शांति का संदेश रखता, तो आज भारत को विश्वगुरु के रूप में देखा जाता। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि Strait of Hormuz से भारत की ओर कितने जहाज आ रहे हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उनके अनुसार कोई एक जहाज आने की बात कर रहा है तो कोई दो जहाजों का जिक्र कर रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति क्या है यह साफ नहीं है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि युद्ध संकट के कारण देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी बढ़ गई है और आम लोगों को गैस मिलने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार इस समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अक्सर दूसरों पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हैं, जबकि सबसे ज्यादा अफवाहें बीजेपी के लोग ही फैलाते हैं।
इसके अलावा संभल मस्जिद से जुड़े विवाद पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भारत में हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नफरत की राजनीति करती है और समाज को बांटने का काम करती है। उनका कहना था कि हर धर्म शांति और सद्भाव का संदेश देता है और देश में इसी भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।
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