प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन रविवार सुबह सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में हिस्सा लेकर दिन की शुरुआत की। यह यात्रा महमूद गजनी के आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ की स्मृति में आयोजित की गई, जिसमें 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला गया। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिनमें खासा उत्साह देखा गया।
शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया और मंदिर परिसर में आध्यात्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसके बाद सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होकर सभा को संबोधित किया। यह आयोजन सोमनाथ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करने वाला विशेष कार्यक्रम है, जिसमें देशभर से संतों और श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
दोपहर बाद प्रधानमंत्री राजकोट पहुंचे, जहां उन्होंने एक ट्रेड शो और एग्जीबिशन का उद्घाटन किया। इसके बाद मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन कर उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने राज्य में उद्योग, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया और गुजरात के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की बात कही।
शाम के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2 के बचे हुए हिस्से का उद्घाटन किया। इसे राज्य के शहरी परिवहन और आधारभूत ढांचे के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। इस चरण के उद्घाटन से शहर के कई इलाकों में आवागमन और अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में ऊं जाप और महाआरती में शामिल हुए थे। स्वाभिमान पर्व के तहत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भजन, आतिशबाजी और भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया था, जिसमें सोमनाथ मंदिर के इतिहास और सनातन परंपरा की गौरव गाथा को दर्शाया गया। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की सभ्यतागत दृढ़ता और आस्था का प्रतीक बताते हुए आयोजन में शामिल सभी लोगों का अभिवादन किया।
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