प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक दिन के दौरे पर अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भावनगर में भव्य रोड शो किया और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘समुद्र से समृद्धि’ की दिशा में हो रहे प्रयासों पर जोर दिया और 34,200 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी। उनका मुख्य फोकस समुद्री क्षेत्रों के विकास और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत बनाने पर रहा।
भावनगर में रोड शो और जनसभा
पीएम मोदी का रोड शो भावनगर हवाई अड्डे से शुरू होकर गांधी मैदान तक चला। इस दौरान लोगों ने उन पर फूल बरसाकर जोरदार स्वागत किया। सड़कों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर विजय’ और ‘जीएसटी सुधारों’ के समर्थन में लगे बैनर देखने को मिले। गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा दुश्मन विदेशी निर्भरता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत ही सौ समस्याओं का एकमात्र समाधान है।
समुद्री विकास पर विशेष ध्यान
प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री क्षेत्र से जुड़ी 7,870 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन, कोलकाता पोर्ट में कंटेनर टर्मिनल की आधारशिला, पारादीप पोर्ट में कार्गो सिस्टम और कांडला पोर्ट में मल्टी-कार्गो टर्मिनल जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा एन्नोर, चेन्नई और कार निकोबार में भी कई नई सुविधाओं की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने लोथल में बन रहे 4,500 करोड़ की लागत वाले मरीन हेरिटेज कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण भी किया।
गुजरात के लिए 26,354 करोड़ की योजनाएं
पीएम मोदी ने राज्य में ऊर्जा, स्वास्थ्य, परिवहन और शहरी विकास से जुड़ी 26,354 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें चारा पोर्ट पर एचपीएलएनजी रीगैसिफिकेशन टर्मिनल, आईओसीएल रिफाइनरी प्रोजेक्ट और पीएम-कुसुम योजना के तहत 475 मेगावाट का सोलर फीडर शामिल हैं। कच्छ जिले के धोरडो गांव को प्रधानमंत्री ने गुजरात का चौथा सौर गांव घोषित किया, जो अब पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित है।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत का कोई बड़ा दुश्मन बाहर नहीं है, बल्कि सबसे बड़ा दुश्मन विदेशी निर्भरता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम दूसरों पर निर्भर रहकर 1.4 अरब देशवासियों का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकते। आत्मनिर्भरता ही देश की स्वाभिमान और प्रगति का आधार है। इसी कड़ी में उन्होंने नई समुद्री नीति की घोषणा की, जिसके तहत सरकारी और निजी संस्थाओं के बीच समझौते होंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
निवेश और रोजगार की संभावनाएं
प्रधानमंत्री के इस दौरे से स्पष्ट है कि सरकार समुद्री और बंदरगाह विकास को देश की आर्थिक मजबूती का अहम स्तंभ मान रही है। नई नीति और बड़े निवेश से जहां अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गति मिलेगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर भी पैदा होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब ‘विश्वबंधु’ की भावना के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में दृढ़ संकल्पित है।
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