प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जनवरी 2026 को प्रसारित अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय मतदाता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए लोकतंत्र, युवाओं, स्टार्टअप, पर्यावरण, श्रीअन्न और सामाजिक मूल्यों जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का फोकस विशेष रूप से युवाओं की भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी पर रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता लोकतंत्र की आत्मा होते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि 18 वर्ष की आयु पूरी होते ही स्वयं को मतदाता के रूप में पंजीकृत कराएं और मतदान को केवल अधिकार नहीं, बल्कि कर्तव्य के रूप में देखें। पीएम ने सुझाव दिया कि जब कोई युवा पहली बार वोटर बने, तो पूरे मोहल्ले, गांव या शहर में उसका उत्साहपूर्वक स्वागत किया जाना चाहिए, ताकि समाज में मतदान के प्रति जागरूकता और सम्मान का भाव विकसित हो सके। उनके अनुसार, लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक सक्रिय रूप से उसमें भाग लेते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है, जो देश के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और आत्मविश्वास को दर्शाता है। पीएम मोदी ने उन सभी युवाओं को सलाम किया जो किसी न किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या नया स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप सिर्फ रोजगार सृजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत कदम हैं और भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति और भक्ति पर भी विशेष रूप से बात की। उन्होंने कहा कि भक्ति को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह केवल आध्यात्मिक आस्था नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी सिखाती है। भक्ति व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करती है, जो व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ सामाजिक जीवन को भी दिशा देती है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और श्रीअन्न जैसे विषयों को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक मोटे अनाज न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। पीएम मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने खान-पान और जीवनशैली में ऐसे विकल्प अपनाएं, जो प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित हों। अपने समापन संदेश में उन्होंने एक बार फिर युवाओं से आग्रह किया कि वे लोकतंत्र, नवाचार और संस्कृति—तीनों को साथ लेकर चलें, ताकि भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और मूल्यनिष्ठ राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ता रहे।
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