भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट का माहौल रहा, लेकिन इसके बावजूद टेक्सटाइल सेक्टर की एक कंपनी ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया। गुरुवार, 8 जनवरी को मुकेश अंबानी की साझेदारी वाली आलोक इंडस्ट्रीज के शेयर में करीब 8.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 17.21 रुपये पर पहुंच गया, जो इसका दो हफ्ते का उच्चतम स्तर है।
बाजार में कमजोरी की मुख्य वजह भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता, घरेलू स्तर पर नए ट्रिगर्स की कमी और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बताए जा रहे हैं। इन तमाम नकारात्मक संकेतों के बीच आलोक इंडस्ट्रीज के शेयर में आई तेजी ने निवेशकों को हैरान कर दिया। खास बात यह रही कि इस उछाल के पीछे कंपनी से जुड़ा कोई बड़ा मूलभूत कारण सामने नहीं आया।
हालांकि, शेयर में तेजी के साथ ट्रेडिंग वॉल्यूम में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सुबह 11:30 बजे तक NSE और BSE पर करीब 2.33 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ, जो इसके औसत साप्ताहिक वॉल्यूम से लगभग नौ गुना अधिक है। ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर कंपनी के करीब 25 लाख शेयरों का ही साप्ताहिक कारोबार होता है।
गौरतलब है कि जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच आलोक इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई थी। इस दौरान शेयर की कीमत करीब 22 फीसदी तक टूट गई थी और लगातार सात महीने शेयर लाल निशान में बंद हुआ। पूरे कैलेंडर ईयर 2025 में भी शेयर में लगभग 24 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो 2022 के बाद सबसे बड़ी सालाना गिरावट मानी जा रही है।
आलोक इंडस्ट्रीज एक पूरी तरह एकीकृत टेक्सटाइल कंपनी है, जिसकी स्थापना 1986 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई में है। कंपनी की कपास और पॉलिएस्टर दोनों सेगमेंट में मजबूत पकड़ है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वर्ष 2020 में JM फाइनेंशियल ARC के साथ मिलकर दिवालिया प्रक्रिया के तहत इस कंपनी का अधिग्रहण किया था। सितंबर तिमाही के अंत तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास आलोक इंडस्ट्रीज में 40 फीसदी हिस्सेदारी थी, जबकि JM फाइनेंशियल ARC के पास 34.99 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज है।
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