April 30, 2026

दूध से ताकत या परेशानी? हर किसी के लिए क्यों सही नहीं है दूध, एक्सपर्ट से समझें सच

दूध को सदियों से स्वास्थ्य और ताकत का प्रमुख स्रोत माना जाता रहा है। बचपन से ही बच्चों को यह सिखाया जाता है कि दूध पीने से हड्डियां मजबूत होती हैं, शरीर में ताकत आती है और कमजोरी दूर होती है। दूध में मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व शरीर की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करते हैं। यही वजह है कि यह रोजाना आहार का एक अहम हिस्सा माना जाता है। लेकिन बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी नई जानकारियों के चलते यह सवाल उठता है कि क्या दूध वास्तव में हर किसी के लिए फायदेमंद है।

आरएमएल हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि दूध हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता। सबसे आम कारण है लैक्टोज इनटॉलरेंस। ऐसे लोगों के शरीर में लैक्टेज एंजाइम की कमी होती है, जिससे दूध पचाने में समस्या आती है। इसके परिणामस्वरूप गैस, पेट दर्द, अपच और दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं कुछ लोगों में दूध से एलर्जी या बलगम बढ़ने की शिकायत भी पाई जाती है, जिससे सर्दी, जुकाम या श्वसन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

दूध का सेवन कुछ लोगों के पाचन तंत्र पर भी भारी पड़ सकता है। जिनका पाचन कमजोर होता है, उन्हें दूध पीने के बाद पेट फूलना, भारीपन या ऐंठन जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इसलिए, यह जरूरी है कि दूध को हर किसी के लिए एक समान स्वास्थ्यवर्धक विकल्प न माना जाए। इसके अलावा, कुछ शोधों और डॉक्टरों के अनुभवों के अनुसार दूध का सेवन स्किन समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। खासकर ऑयली स्किन वाले या जिनके चेहरे पर पहले से मुँहासे होते हैं, उनके लिए दूध में मौजूद हॉर्मोन स्किन की तेल ग्रंथियों को सक्रिय कर सकते हैं।

इस स्थिति में उपाय यही है कि यदि दूध से समस्या होती है, तो इसे जबरदस्ती अपने आहार में शामिल न किया जाए। इसके बजाय दही, छाछ, लैक्टोज-फ्री दूध या दूध की मात्रा कम करके सेवन करना बेहतर विकल्प हो सकता है। पाचन या स्किन संबंधी समस्या होने पर हमेशा डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से परामर्श लेना चाहिए। ध्यान रहे कि हर व्यक्ति का शरीर अलग प्रतिक्रिया देता है, इसलिए वही चीज अपनाएं जो आपकी सेहत के लिए सही हो।

कुल मिलाकर, दूध पोषण और ताकत का स्रोत हो सकता है, लेकिन यह हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। व्यक्ति को अपनी शारीरिक प्रतिक्रियाओं और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। सही प्रकार और मात्रा में सेवन करने से दूध के फायदों का लाभ उठाया जा सकता है, जबकि शरीर की प्रतिक्रिया को अनदेखा करने पर यह परेशानी का कारण भी बन सकता है।

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