साल 2025 के शुरू होते ही भारतीय वायुसेना में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा। मिग-21 जैसे ऐतिहासिक विमान के स्थान पर तेजस मार्क 1-A विमान को तैनात किया जाएगा, जो देश की रक्षा में नई ताकत और तकनीकी उन्नति लेकर आएगा। मिग-21 ने दशकों तक वायुसेना की रीढ़ की तरह काम किया, लेकिन अब तेजस के रूप में एक नया, हल्का और अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उसकी जगह लेगा। मार्च 2025 में भारतीय वायुसेना के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से इंजन की आपूर्ति शुरू होगी, जो इस विमान की ताकत को और बढ़ा देंगे।
मिग-21 का स्थान लेगा तेजस मार्क 1-A
मिग-21, जो भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने और सबसे प्रसिद्ध विमानों में से एक है, अगले कुछ सालों में रिटायर हो जाएगा। इसकी जगह अब तेजस मार्क 1-A विमान लेगा, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने डिजाइन किया है। तेजस में अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर एवियोनिक्स और उन्नत हथियार प्रणालियाँ हैं, जो इसे किसी भी तरह के मिशन के लिए सक्षम बनाती हैं। इसके अलावा, यह विमान सुपरसोनिक स्पीड और डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम से लैस है, जो इसे दुश्मन से लड़ने और जल्दी से अपना मिशन पूरा करने की क्षमता प्रदान करते हैं।
तेजस मार्क 1-A के साथ भारतीय वायुसेना की ताकत में होगी इज़ाफा
तेजस मार्क 1-A के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से वायुसेना की सामरिक ताकत को नया आयाम मिलेगा। इस विमान में सबसे खास बात उसकी मल्टीरोल क्षमता है, जो इसे हवा से हवा और हवा से जमीन तक के हमलों के लिए सक्षम बनाती है। इसके साथ ही तेजस के उन्नत रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली दुश्मन के रडार से बचने और उसे नष्ट करने की क्षमता प्रदान करती है। विमान की बेहतर हथियार क्षमता, जैसे कि हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें और लेजर गाइडेड बम, इसे और भी खतरनाक बनाती हैं।
अमेरिकी इंजनों से मिलेंगे तेजस को नई ताकत
तेजस मार्क 1-A के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से एफ404 इंजन की आपूर्ति की जाएगी, जबकि तेजस मार्क 2 के लिए एफ414 इंजन का इस्तेमाल होगा। ये इंजन अपनी उच्च प्रदर्शन क्षमता, ईंधन की बचत और लंबी जीवन क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। GE F414 इंजन की उच्च थ्रस्ट क्षमता तेजस को अधिक गति और ऊंचाई पर बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम बनाएगी। यह इंजन विमान को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ उसकी शक्ति में भी इजाफा करेगा, जिससे भारतीय वायुसेना की समग्र युद्ध क्षमता को भी नया बल मिलेगा।
मेक इन इंडिया पहल को मिलेगा बढ़ावा
तेजस मार्क 1-A विमान न केवल भारतीय वायुसेना की शक्ति को बढ़ाएगा, बल्कि यह भारत की आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया पहल को भी मजबूती देगा। भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा, क्योंकि 83 तेजस मार्क 1-A विमानों का ऑर्डर पहले ही दिया जा चुका है। अमेरिकी इंजनों की आपूर्ति के बाद, यह विमान पूरी तरह से तैयार हो जाएगा और भारतीय वायुसेना की मुख्य ताकत बन जाएगा।
रक्षा क्षेत्र में एक नई क्रांति
तेजस मार्क 1-A के साथ भारतीय वायुसेना अब एक नई और आधुनिक तकनीकी दिशा में बढ़ेगी। यह विमान भारतीय वायुसेना को न केवल सशक्त बनाएगा, बल्कि दुनिया भर में भारत को एक प्रमुख विमान निर्माता के रूप में स्थापित भी करेगा। इसके साथ ही भारत के पास अब एक हल्का, मल्टीरोल, और अत्याधुनिक लड़ाकू विमान होगा, जो उसे वैश्विक रक्षा बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगा।
भविष्य की दिशा
2025 से तेजस मार्क 1-A के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद, मिग-21 के युग का समापन होगा और यह भारतीय वायुसेना के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी। इस बदलाव से भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार होगा और भारत की रक्षा क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी। यह कदम न केवल देश की सुरक्षा को मजबूती देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की ताकत को प्रदर्शित करेगा।
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